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बृजेश द्विवेदी राजेश चेतन यानी हिन्दी साहित्यकाश का उन्मुक्त सितारा। पलभर में किसी को अपना बना लेने की अद्भुत कला है राजेश जी में। मंच पर आते ही हर श्रोता पर उनका जादू छाने लगता है। मंच के बेहद कुशल संचालक । नये कलमकारों पर आपकी असीम कृपा रहती है। राजेश चेतन हिन्दी कविता के अच्छे कवि है। बड़े कवि हैं। महान कवि हो सकते है। ये मेरा नहीं, सबका मानना है। वे सदियों तक काव्य प्रेमियों को रससिक्त करते हुए सबके दिलों पर राज करते रहें। ऐसी मैं मंगल कामना करता हूँ।
डा॰ कुंअर बेचैन, गाजियाबाद राजेश चेतन एक ऐसे कवि हैं जो हिन्दी भाषा और
साहित्य के विकास में जी जान से जुटे हैं। वे पूरी निष्ठा
और लगन से भारतीय संस्कृति की पूजा में निमग्न है
और ये आराधना वे सहित्य के माध्यम से कर रहे हैं।
उनकी संचालन क्षमता और प्रबन्धन क्षमता स्तुत्य और
सराहनीय है। कवि सम्मेलनों में जब वे अपनी कविताओं
के विविध रंग बिखेरते है तो श्रोता उनके ही रंग में रंग़
जाते हैं। वे जनता के हृदय में सीधे उतरते हैं और वर्तमान
समय की अनेक समस्याओं को निडर होकर उजागर करते
हुए उन पर अपनी दिशा निर्देशक राय भी देते चलते हैं।
हंसी-हंसी में गहरी बात कहना कोई उनसे सीखे। कभी-कभी
वे ऐसा व्यंग़्य कर देते है की पाठक और श्रोता सोचता ही रह
जाता हैं कि अरे यह तो रोजाना की देखी-सुनी बात थी और
हमारा ध्यान नहीं गया।
अनेक देशों की यात्रा करने के पश्चात भी वे भावनाओं से पूरी
तरह भारतीयता के समर्थक है। उनका विश्वास है कि हिन्दी
कविता में वो शक्ति है कि वो देश-विदेश में उन मानवीय
संस्कारों को सुरक्षित रख सकती है जिनकी आज कि दुनिया
में बहुत जरुरत है।
ऐसे विनम्र इन्सान, मानव धर्म के संपोषक तथा श्रेष्ठ कवि
को मेरी कोटि-कोटि शुभकानायें।
कविवर श्री ओम प्रकाश आदित्य, दिल्ली राजेश चेतन मूलतः राष्ट्रीय चेतना के कवि हैं। उनकी रचनाओं की
ओजस्वी हुंकार में मातृभूमि, घर, प्यार और देश की अस्मिता से
समर्पित संस्कारों की उदबोधन भरी पुकार है। देश की मिट्टी की
सौंधी सुगंध से उनकी रचनायें सुवासित हैं। वे हंसाते हंसाते भी
व्यंग्यमयी शैली में राष्ट्रीय गौरव की गरिमा का संदेश देना नहीं भूलतें।
कविता चेतन के लिये मात्र मनोरंजन का साधन नहीं, राष्ट्र के प्रति
सचेत सिपाही का काव्यात्मक समर्पण है और यह प्रतिबद्धता उन में
सहज स्फूर्त है, ओढ़ी हुई नहीं है जैसा कि प्रायः अन्य रचनाकारों में
देखने को मिलती हैं। यह इस बात से उजागर होता है कि वे अपने
जीवन में भी इन भावनाओं को जीते हैं और प्रदीप्त करते हैं।
चेतन कितनी ऐसी राष्ट्रीय अस्मिता की संस्तुति से सम्बद्ध संस्थाओं
से जुड़े हैं जो निस्वार्थ भाव से देश की संस्कृति और संस्कारों की इस
पाश्चात्य अपसंस्कृति से प्रभावित पीढ़ी में संचेतना जगाने में सन्नद्ध है।
चेतन एक संस्कारशील सक्षम कवि और विनम्र एवं शिष्ट समाजसेवी
इंसान है। उनकी कीर्ति की धवल पताका देश में ही नहीं विदेश में भी
हिन्दी और हिन्दुस्तान की गौरव गाथा को सतत संवर्धित एवं चर्चित
करने में गतिमान है।
कवि सम्मेलन मंचों के वे सफल संचालक ही नहीं इस विद्या का
विस्तार और सुरुचिपूर्ण प्रसार कर हिन्दी के प्रति जो सुकार्य कर
रहे है वह हिन्दी काव्य और मातृभाषा के लिये सराहनीय है।
मेरी हार्दिक शुभकामनायें कि चेतन मातृभाषा, मातृभूमि और
अपनी संस्कृति को अपनी कृति के माध्यम से सुशोभित कर
सिद्धि और प्रसिद्धि के नित नये सोपान चढ़ते रहें।
डा॰ हरिओम पंवार प्रियवर राजेश ‘चेतन’ नई पीढ़ी के एक ऐसे ही संस्कारवान व्यक्ति हैं
जिनकी कविता के प्रति प्रतिबद्धता, समर्पण व आस्था उनके व
हिन्दी मंचीय कविता के भविष्य के प्रति आश्वस्त करती है।
http://hariompanwar.com
Uday Bhanu Hans हरियाणा के गौरव तथा देश के ओजस्वी कवि राजेश चेतन
ने राष्ट्रीय ही नहीं, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर भारतीयता एवम्
राष्ट्रीयता का सन्देश अपनी कविताओं के माध्यम से देश-विदेश
में घूम-घूम कर तो पहुँचाया ही है, अब वेब-साइट द्वारा विश्व के
समस्त हिन्दी कविता प्रेमियों के लिये सुलभ कर दिया है। मेरी
हार्दिक मंगल कामना है कि इस अन्तर्राष्ट्रीय माध्यम से राजेश
चेतन की सशक्त कविताएं मानव चेतना को जागृत और
समृद्ध करने में सहायक सिद्ध हो।
डा॰ नरेन्द्र कोहली मैं तुम्‍हारी प्रगति का साक्षी हूं। तुम्‍हारे निरंतर बढ़ते पग,
पाठकों का ध्‍यान आकृष्‍ट कर रहे हैं। मैं प्रसन्‍न हूं कि सामाजिक
और राजनीतिक घटनाएं तत्‍काल तुम्‍हारी कलम को पकड़ लेती हैं;
और तुम उन्‍हें कलात्‍मक ढंग से अपने पाठकों तक पहुंचा देते हो।
http://www.narendrakohli.org
चौधरी मदन मोहन ‘समर’ तरुणाई को दे दिशा, जिसका शब्द सृजन
जड़ता को चेतन करें, वो कवि है “चेतन”

सुप्त भावनाओं पर जमी जड़ता की ठंडी राख को हटा कर
राष्ट्रवाद की उष्मा को चैतन्यता देने वाले शब्दों के शिल्पी
प्रिय मित्र राजेश चेतन को बहुत-बहुत शुभकामनायें

डा॰ विष्णु सक्सेना अच्छे कवि होने की पहली शर्त है अच्छा इंसान होना और
ये विशेषता राजेश जी में है। वे बाहर से जितने रूक्ष दिखते हैं
अन्दर से उतने ही स्निंग्ध हैं। उनकी कुछ विशेष कविताओं का
मैं प्रशंसक भी हूँ।
कविवर श्री दिनेश बांवरा, मुंबई भईया आपसे पहली मुलाकात उतने ही समय की थी जितने
समय में एक मोहनी एक भोले-भाले नवजवान को अपना बना लेती
है परंतु दूसरी मुलाकात उतनी ही लम्बी, जितने लम्बे समय के बाद
एक प्रेमी दूसरी प्रेमिका कि तलाश करने लगता है।
भईया आपके अन्दर जो सरलता है वह आकर्षण का कारण है
परंतु कविता के प्रति चेतन अवस्था आप के नाम को सार्थकता प्रदान
करती है। कभी कृष्ण बांसुरी का मधुरिम स्वर तो कभी शिव-तांडव का
नाद आप की कविता में समय-समय पर सुनाई पडता है जो समाज,
सभ्यता, संस्कृति को नई ऊंचाईयां प्रदन करने की छटपटाहट के साथ
होता है।
भईया मंच रणभूमि है, आप हमारे सेनापति है, कविता हथियार है
और इस संग्राम में मुझ जैसे छोटे सिपाही को आपने आदर दिया,
आप का कोटि-कोटि धन्यवाद।
भईया भविष्य में मेरी कमियों से मुझे पहले अवगत कराईयेगा,
इनाम बाद में दीजियेगा। आपका अनुज रूप में स्वीकार करना ही मेरे
लिये एक उर्जा स्त्रोत है। ईश्वर आपको धन-धान्य, कला, कलम कविता
से ओत-प्रोत रखे, यही प्रार्थना
कविवर श्री नरेश शांडिल्य, दिल्ली राजेश चेतन एक ऊर्जावान युवा कवि हैं, जिन्हें निःसन्देह
‘ओज का कवि’ कहा जा सकता है। मैंने उनकी कविता को निरन्तर
निखरते हुए देखा है। कविता लेखन में वे एक बेहद ईमानदार और
मौलिक कवि हैं। उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता उनकी कविताओं में मुखर
रूप से सामने आती है। इस मायने में वे बिना लागलपेट के, बिना
किसी की परवाह किए अपनी सोच को कविता में ढालने की क्षमता
और दक्षता रखते हैं। ऐसा बहुत कम लोग कर पाते हैं, इसलिए भी
राजेश चेतन ‘कवियों की भीड़’ में अलग से पहचाने जा सकते है। बेशक
वे ‘किताबी अथवा अकादमिक कवि’ न हों, लेकिन कविता की वाचिक
परम्परा को निभाते हुए उन्होंने कवि सम्मेलनों के मंचों पर अपना
एक विशिष्ट स्थान बना लिया है और उस ‘विशिष्ट-आसन’ को वे और
अधिक सम्मानजनक बनाने में जुटे हैं। उनमें अभी भी अपार सम्भावनाएं
हैं। कुल मिलाकर मैं उन्हें ‘दिनकर की परम्परा का कवि’ कहना चाहूंगा।
राष्ट्रीय चेतना का अलख जगाने में लगे इस युवा कवि को मैं बहुत आगे
जाता हुआ देखना चाहता हूँ। ईश्वर उनकी कलम को तलवार जैसी धार
प्रदान करे, ऐसी उम्मीद और सदभावना के साथ
कविवर श्री महेन्द्र शर्मा, दिल्ली किसी भी बड़े रचनाकार को पहचान व प्रतिष्ठा एक दिन
में नहीं मिलती। इसके पीछे उसका लक्ष्य, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा
व ईमानदारी साथ रहती है। संघर्ष से मिली सफलता स्थायी
रहती है, बशर्ते किसी भी प्रकार के अभिमान में वह रचनाकार
नहीं आए। ऐसे ही रचनाकार-काव्यधर्मी हैं श्री राजेश चेतन।
आज वह सफलता के जिस मुकाम पर खड़े हैं, वह उनके
संघर्ष की जीती जागती तस्वीर है। मैंने राजेश चेतन को
अपने सामने ज़मीन से उठते हुए आकाश को छूते हुए देखा है।
यानि कि एक साधारण से कवि को जन मानस का कवि बनते।
प्रत्येक विद्या में उन्होने अपनी लेखनी चलाई है। वह जन
समस्याओं से बेख़बर होने वाले कवि नहीं है, बल्कि समस्याएं
पैदा करने वालों को ख़बरदार करने वाले सिद्धहस्त कवि भी हैं।
राजेश चेतन में मैंने जो रचना धर्मिता से अलग विशेषता देखी,
वह है एक सहज, निष्छल, ईमानदार व सबकी मदद के लिए
सदा तैयार रहने की उनकी मानवीयता, जो आज के दौर में
बहुत कम मिलती है। एक सहज इन्सान के साथ, गुणी व
रचनात्मक कलमकार होना कवि राजेश चेतन की अक्षय पूंजी है।
उनकी रचनाएं स्वयं का बोध कराने वाली दिशाबोधक ज्योति है,
जो कभी नहीं बुझेगी।
कविवर श्री सन्तोषानन्द, दिल्ली राजेश चेतन अपने आप में एक बहुमुखी प्रतिभा के
अदभुद व्यक्ति हैं। मेरी इनकी पहचान वर्षों पुरानी है उनका
एक मानवीय गुण है कि जिसका कोई नहीं होता है उसको
सहारा देते हैं मैं स्वयं इसका एक उदाहरण हूँ। राजेश चेतन
ने जो लिखा वह उनकी मौलिकता का परिचायक हैं जब वे
मुझसे मिलते हैं, मैं अभिभूत हो जाता हूँ। दिल्ली में मेरा
कोई अपना है तो राजेश चेतन। प्रभु उनकी सभी आकाशीय
अभिलाषायें पूर्ण करें। मैं उनको जीवन में सदैव प्रसन्न
देखना चाहता हूँ।
कविवर श्री महेन्द्र अजनबी, दिल्ली मैंने प्रिय राजेश चेतन का पूरा काव्य जीवन अपनी
आँखों से देखा है। प्रारम्भ से लेकर अब तक राजेश की
काव्य प्रतिभा हर रोज निखरती रही है। वो आज हजारों
हजारों लोगों के हृदय में उतरता है। वह आज मंच का
बहुत-बहुत सफल कवि है। इसके साथ ही वह बहुत
अच्छा मित्र, बहुत अच्छा व्यक्ति भी है। मैं उसके
बहुत-बहुत उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।
कविवर श्री योगेन्द्र मौदगिल, पानीपत पहली मुलाकात में ही आत्मीयता से विभोर कर देने
वाले रस-मर्मज्ञ कवि राजेश चेतन निश्चित ही कविता के
कुरुक्षेत्र में अपने सूर्य रथ पर आरुढ हो अपनी आभा का
नव्य एवं चैतन्य आभास देने में सक्षम सिद्ध हुए हैं।
इनकी कविताओं में जीवन मूल्यों के प्रति आस्था,
विसंगतियों-विडम्बनाओं-विद्रूपताओं के प्रति चैतन्य
व्यंग्य-धर्मिता सहज ही प्रतिबिंबित होती है।
भौतिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ-साथ,
छदम- आवरणों से दूर, कोसों दूर निरन्तर अपने
लक्ष्य को साधते इस कलम वीर का मैं स्वागत
एवं अभिनन्दन करता हूँ।
राजेश चेतन इसी राकेटीय-गति से बढते जाएं……
यही शुभकामनाएं……शुभकामनाएं
कविवर श्री प्रवीण शुक्ला, दिल्ली राजेश चेतन जी उन रचनाकारों में से हैं जिन्हे
सुनना, पढ़ना और जिनसे मिलना तीनो ही सुखद
अनुभव हैं। उनसे मिलकर यह निर्णय करना मुश्किल
है कि वे कवि अधिक बडे है या इन्सान। ये खूबी मंच
के चुनिंदा कवियों को ही प्राप्त है। राजेश चेतन उन
रचानाकारों में है जिन्होने राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं वरन्
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी कविता और साहित्य को
प्रतिष्ठित करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे इसी
प्रकार निरंतर सृजनरत रहकर हिन्दी और हिन्दुस्तान के
लिये कार्य करते रहें। मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
कवि अर्जुन सिसौदिया राजेश चेतन आधुनिक हिन्दी मञ्चीय कविता का एक ऐसा
सशक्त नाम है जिनके शब्दों में केशव के पाञ्चजन्य की गूँज है।
परिवर्तन की क्षमता है। क्रान्ति की लपटें है। असत्य, अशिव और
असुन्दर को चुनौती है। सत्यम शिवम सुन्दरम की स्थापना का
संकल्प है। उनके स्वर में एक ओर रणभेरी का प्रखर नाद है
तो दूसरी ओर गीत की गंगा का कल कल निनाद। कविता की
यह धारा अक्षुण्ण रहे अबाध बहे, इसी शुभकामना के साथ।
अब्दुल अयूब गौरी   संस्कारवान व्यक्ति की कलम से संस्कारो को सुगन्धित करती हुई
लेखनी के प्रति मेरी बधाइयाँ । हिंदी साहित्य के लम्बे काफिले का यह
पैदल सिपाही हिंदी का ध्वज लिए गांव – गांव ढाणी ढाणी से लेकर
सात समुंदर पार तक हिन्दी का ध्वज फहराकर आया है। हिंदी भाषा की
बिन्दी लगाई है| हिंदी भाषा हमारी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा है। राष्टृभाषा के
प्रति विश्वास जगाने वाली राजेश चेतन की लेखनी को बधाई|
राजेन्द्र राजन, सहारनपुर   रचना धर्मिता के क्षेत्र में दिग्बोधक चेतना से ओतप्रोत तथा सुदर्शन
व्यक्तित्व के धनी प्रिय भाई श्री राजेश चेतन को जब – जब मैंने सुना है
तो मुझे हिन्दी काव्य मंच की कविता के लड़खड़ाते दौर में एक सुदृढ़
समाज व ज्वलन्त मशाल की उपस्थिति का अहसास हुआ है|
ऐसे संभावनाओं से लबरेज रचनाकार के उज्जवल भविष्य की मैं
हृदय से कामना करता हूँ|

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दिनेश रघुवंशी जितना खूबसूरत व्यक्तित्व वैसी ही कवितायें मुखरित होती है
प्रिय राजेश चेतन की कलम से। जब से मैंने उन्हे जाना है सदैव बेहद
अनुशासित, संयमित और आदर्श व्यक्ति के रूप में पाया है। जैसी सोच
उनकी कविताओं में प्रवाहित होती है, वैसी ही भावनाओं से ओत प्रोत है
उनका सादगी भरा व्यवहार। ईश्वर से प्राथना है सदैव राजेश भाई अपनी
श्रेष्ठ लेखनी से इस राष्ट्र की सेवा करते हुए, प्रगति करते रहें।
श्याम त्रिपाठी हमें गर्व हो उन लोगों पर
जो करते हिन्दी का सच्चा काम
विश्व पटल पर चमक रहा है
आपकी पत्रिका का नाम
सबको लेकर चलने वाले
प्रथम पुरूष है एक इन्सान
राजेश चेतन दे रहे है नव चेतना
नव जागृति और नव प्रेरणा
एक कवि सम्मेलन में मैंने पहली बार राजेश ‘चेतन’ को सुना।
सुदर्शन व्यक्तित्व, सम्मोहक आँखों, धनुष की टंकार-सी आवाज़ और
सुन्दर प्रस्तुतिकरण ने श्रोताओं पर जादू सा कर दिया था मानो।
पूरा पंडाल मंत्रमुग्ध था। युवा कवि के शब्द-शब्द से उसका आत्म-विश्वास
छलक पड़ रहा था। हर व्यक्ति सम्मोहन की स्थिति में था।
कार्यक्रम की समाप्ति पर आपस में परिचय हुआ और
हर मुलाकात के बाद यह ऊर्जावान युवा कवि मेरे दिल में घर करता गया।
डा॰ कुमार विश्वास कविवर श्री राजेश चेतन की कविताएँ जाड़ों की उस कच्ची,
गुनगुनी धूप का आभास देती हैं, जिसे आँख खोल कर जाँचने-परखने
में नहीं अपितु हल्की तन्द्रा में जिसके स्पर्श को अन्तरतम तक
अनुभूत करने में जो सुख है, वह शब्दातीत है।
http://kumarvishwas.com
बाबा सत्यनारायण मौर्या

http://bharatbhakti.org

Jagbir Rathee काव्य सुधा का पिला पैमाना, सबको मदहोश बना दिया
शब्दों की शक्ति क्या है, जन जन को ये बता दिया
हे चेतन चितचोर, हूँ भाव विभोर, मित्र तुमसा जो पाया
घन शब्दों के बने रहो, देते रहना शीतल छाया
http://jagbirrathee.com
abhinav_shukla ओज भरी वाणी में गर्जन सी कविताएँ,
सत्य, धर्म, मानवता की बगिया महकाएँ,
बगिया महकाएँ झूमे मौसम का सरपंच,
‘चेतन’ हो चहके जीवन का हर परपंच,
कलम करे नित अद्भुत सी वनवासी खोज,
दिग दिगन्त तक गूँजे गर्जित गर्वित ओज।
http://kaviabhinav.com
ब्रह्मा संसार का सृजन कर्त्ता है।, ‘राजेश’ साहित्य का सृजन कर
उसमें अपनी कलम से रंग भरता है॥, विष्णु प्रजा पालक है।
‘राजेश’ साहित्य का चालक है॥, महेश होश पूर्वक जीना सिखाता है।
राजेश ‘चेतन ‘ बन, मन में चेतना जगाता है॥
सच है – राजेश चेतन।, प्रकाशित करता है, आत्मा, तन और मन॥
http://kaviyusuf.com
कविवर श्री अल्हड़ बीकानेरी अत्यन्त हर्ष का विषय है कि देश की राष्ट्रीय धारा के
प्रबुद्ध चिन्तक एवं ओजस्वी कवि प्रिय राजेश चेतन की ‘वेब-साइट’
प्रारम्भ हो रही है। अपनी बात को आधुनिक समाज तक संप्रेषित
करने के लिए अत्याधुनिक टेक्नीक की आवश्यकता होती है
समय की भी यही मांग है।
मेरी ओर से हार्दिक मंगलकामनाएँ !
Krishan Mitra राजेश “चेतन” एक संस्कार सम्पन्न कवि हैं। उनकी भाषा में
सरलता के साथ साथ विषय को प्रस्तुत करने की भरपूर
क्षमता है। यही कारण है कि अनेक विषयों पर उनकी लेखनी
ने समान रुप से अधिकार सहित अभिव्यक्ति को साकार रुप
प्रदान किया है।
राजेश चेतन को आशीर्वाद
Amrit Sadhana ओशो के प्रति प्रेम अनेक लोगों का होता है लेकिन उस प्रेम को
सक्रिय बनाने और उसके लिये परिश्रम करने की प्रतिबद्धता
प्रत्येक में नही होती। आप में यह विरल गुणवता है । ओशो
का काम एक अपूर्व आनंद यात्रा है, इस यात्रा में आप आगे बढें,
हार्दिक शुभकामनाय
http://osho.com
Mahesh Chandra Sharma राजेश चेतन हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीयता एवम देश भक्ति से
ओत प्रोत कविताओं के रचयिता हैं जहाँ इन्होने हिन्दी कविता
में अपना एक प्रमुख स्थान बनाया है वहीं हिन्दी वेबसाईट
आरम्भ करके राष्ट्र भाषा को अन्तरराष्ट्रीय भाषा बनाने का
अद्वितीय प्रयास किया है, इस प्रयास की सराहना करता हूँ।
मैने पिछले 10-15 वर्षो में उनमे ऐसी कर्मठता देखी है कि वो
जिस काम को आरम्भ करते हैं उसे पूरा करके विश्राम करते हैं
Jagdish Ji Mittal राजेश चेतन को मै बचपन से ही जानता हूँ
राजेश से चेतन कवि बनने की समस्त यात्रा
अपनी आँखो से देखी है । चेतन की कविता में
राष्ट्र चेतना है मै राजेश के उज्जवल
भविष्य की कामना करता हूँ ।
http://jagdishmittal.com
Padmesh Gupta मेरी दृष्टि में ऊर्जा के पर्यायवाची हैं राजेश चेतन। राजेश जी
के व्यक्तित्व एवं कृतित्व- दोनों में ही असीम ऊर्जा है। जिस
प्रकार एक सफल कवि अपने भावों को दूसरों के मन तक
पहुचाना जानता है, राजेश जी के कृतित्व की सबसे बड़ी
सशक्तता यही है कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से मरे
हुए ह्वदय में भी ऊर्जा भर देते हैं।
हिन्दी साहित्य और भारतीय संस्कृति की आप जिस प्रकार से
सेवा कर रहे हैं, वह वन्दनीय है। ‘रंग दे बसंती’अमर शहिद
भगतसिंह की जन्म शताब्दी पर आप द्वारा किया गया एक
स्मरणीय दस्तावेज है। अक्षरम से जुड़कर आप प्रवासी
भारतीयों की सेवा कर रहे हैं। साधुवाद ।
http://diamondpublication.com
Devender Singh चेतन जी की उर्जा बनी काव्य का साज
काव्य मंच के एक दिन होगें वो सरताज
“जन-जन भारत भूमि का,करे राष्ट्र का काज “
दुनिया भर में गूंजती चेतन की आवाज
http://hindiusa.org
Usha Raje Sexena बहुअयामी व्यक्तित्व के स्वामी राजेश चेतन कर्मठ होने के
साथ-साथ एक सह्रदय और संवेदनशील दुनियादार इंसान हैं।
जिस समाज में वह रहते हैं उस समाज की खूबियों और
विसंगतियों को वह खूब अच्छी तरह पहचानते हैं। राजेश जी
जाग्रत हैं, चेतन हैं उनकी कविताओं में हास्य-व्यंग्य के साथ
ओज और राष्ट्रीयता के स्वर प्रखर है। हिंदी-भाषा के
प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध राजेश चेतन हिंदी वेबसाइट
और अक्षरम के द्वारा हिंदी-भाषा-साहित्य के रचनाकारों
को देश-विदेश में मान-सम्मान और पहचान दिलवाने में
यासरत हैं। उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ
Om Vyas Om राजेश चेतन की कलम, राष्ट्रीय समाजिक और पारिवारिक
विसंगतियों के खिलाफ एक आंदोलन सा प्रतीत होती है ।
संवेदना को सहेजते हुए अपने आक्रोश को सीधे सपाट बयान
करना चेतन जी की विशेषता मानी जा सकती है । कविता
को हथियार की तरह उपयोग करने वाले श्री राजेश चेतन जी
को आकाश भर शुभकामनायें ।
http://omvyasom.com
राजेश चेतन की कवितायें भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत हैं.
राष्ट्रीयता उनकी रचनाओं में रची बसी है. राजेश जी के साथ
भारत और ब्रिटेन के अनेक नगरों में आयोजित साहित्यिक
कार्यक्रमों और कवि सम्मेलनों में भाग लिया. उनका सुसंस्कृत
व्यवहार आज भी स्मरण है.
Gajender Solanki कोटि नक्षत्र जैसे नित गगन में टिमटिमाते हैं
हैं कितने लोग दुनियाँ में जो कि मन को लुभाते हैं
मगर दिनकर है केवल एक नभ को जगमगाता है
यूँ “चेतन” मित्र मेरे मन के आँगन मुस्कुराता है
http://gajendersolanki.com
Madhu Mohini चेतन में चेतना ही नही संचेतना है। वे जैन हैं इसलिये बेचैन
है-पाश्चात्य संस्कृति के अंधा अनुकरण के कारण। इस कारण
राजेश जी अल्पायु मे ही हिन्दी काव्य जगत मे प्रदीप्त उन
नक्षत्रों की श्रेणी मे पहुँच चुके हैं जहाँ तक पहुँचने मे
जीवन लग जाता है फिर भी लक्ष्य अलभ्य ही रह जाता है।
उदार चिन्तता, सत्यवादिता, स्पष्टवादिता, ओजस्विता, उर्जस्विता
उनके चरित्र के प्रधान गुण हैं, इस कारण वे मेरे अभिन्न मित्र हैं।
http://madhumohini.com
Kavi Sunil Jogi जो अपनी विचार कविता से काव्य सुधा बरसाते है
अपनी ओजमय वाणी से सबका मन हर्षाते है
जिनकी कविताओं से जड से जड चेतन हो जाते हैं
जोरदार तालियां बजाये वो चेतन जी आते हैं ।
http://kavisuniljogi.com
Sita Sagar कवि होने से पहले किसी व्यक्ति का एक अच्छा
इन्सान होना बहुत जरूरी है तभी उस कवि की कोई
बात मन को छू पाती है और जीने की दिशा में प्रेरणा
से भर पाती है अन्यथा कोई कवि अगर बेहतरीन
इन्सान नही तो उसकी बात मन को छूती तो है लेकिन
प्रेरणा से भर नही पाती। इन अर्थों में राजेश चेतन
की कविता मन को छूती भी है और प्रेरणा से भरती भी है
Ritu Goel चेतन जी की कलम और वाणी में सत्य लिखने और कहने का साहस है।
लेखन और व्यवहार में समानता के कारण इनके व्यक्तित्व की अलग पहचान है
शुभकामानाओं सहित
http://ritubasant.com
Sh. Harish Naval “वाणी नहीं संस्कार बोलते हैं” यह बात मुझे तब तब सच
लगी है जब जब मैने भाई राजेश चेतन की वाणी सुनी है,
उनके भीतर का तेजोमय रूप उनके मुखारविन्द पर छा जाता
है जो मुझे बहुत भाता है। एक संस्कारी विरासत की भव्यता
को उन्होंने जिस तरह अपने काव्य में समेटा है, प्रशंसनीय है।
राजेश के सरोकार राष्ट्र के उत्थान के सरोकार हैं। वह एक
अति आधुनिक व्यक्ति होने के बावजूद भारतीयता को जीवित
और जीवंत रखे हुए हैं। उनके भीतर का जोश और जुनून
तथा उनके प्रदत्त साहित्य का उद्देश्य बहुत महत्वपूर्ण है।
वे उसी सम्पन्नता के वाहक बन पश्चिम और पूर्व का
फ्यूज़न रूप प्रस्तुत करते रहें, ऐसी शुभेच्छा हैं।
Swadesh Jain सत्य को सत्य मानना एक बात है लेकिन कह नही पाना
“जड़ता” है। सत्य को सत्य कहने का दुःसाहस करना “चेतनता”
का प्रतीक है। चेतन वही होता है जो जागृत होता है, सत्य के
प्रति समर्पण भाव रखता है, ऐसे ही मुखर व्यक्तित्व होते हैं
राजेश जैन “चेतन” जिनका हिन्दी के प्रति, देश के प्रति प्रेम
अद्वितीय है। “यथा नाम तथा गुण” की कहावत को जीवन्त
करते हैं राजेश जी। इनके उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक
शुभकामनाएं।
Rasik Gupta राजेश चेतन हिन्दुस्तान का एक ऐसा सितारा है
जिसने हिन्दी को कम्प्यूटर में नये रुप मे उतारा है
जब हास्य पढ़ें तो श्रोता खिलखिला दें
और ओज पढ़े तो पूरा मंच हिला दें
http://rasikgupta.com