Posted in अपनो की नज़र में on Apr 25th, 2007 No Comments »
ओज भरी वाणी में गर्जन सी कविताएँ,
सत्य, धर्म, मानवता की बगिया महकाएँ,
बगिया महकाएँ झूमे मौसम का सरपंच,
‘चेतन’ हो चहके जीवन का हर परपंच,
कलम करे नित अद्भुत सी वनवासी खोज,
दिग दिगन्त तक गूँजे गर्जित गर्वित ओज।
http://kaviabhinav.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 23rd, 2007 No Comments »
ब्रह्मा संसार का सृजन कर्त्ता है।, ‘राजेश’ साहित्य का सृजन कर
उसमें अपनी कलम से रंग भरता है॥, विष्णु प्रजा पालक है।
‘राजेश’ साहित्य का चालक है॥, महेश होश पूर्वक जीना सिखाता है।
राजेश ‘चेतन ‘ बन, मन में चेतना जगाता है॥
सच है – राजेश चेतन।, प्रकाशित करता है, आत्मा, तन और मन॥
http://kaviyusuf.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 23rd, 2007 No Comments »
अत्यन्त हर्ष का विषय है कि देश की राष्ट्रीय धारा के
प्रबुद्ध चिन्तक एवं ओजस्वी कवि प्रिय राजेश चेतन की ‘वेब-साइट’
प्रारम्भ हो रही है। अपनी बात को आधुनिक समाज तक संप्रेषित
करने के लिए अत्याधुनिक टेक्नीक की आवश्यकता होती है
समय की भी यही मांग है।
मेरी ओर से हार्दिक मंगलकामनाएँ !
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश “चेतन” एक संस्कार सम्पन्न कवि हैं। उनकी भाषा में
सरलता के साथ साथ विषय को प्रस्तुत करने की भरपूर
क्षमता है। यही कारण है कि अनेक विषयों पर उनकी लेखनी
ने समान रुप से अधिकार सहित अभिव्यक्ति को साकार रुप
प्रदान किया है।
राजेश चेतन को आशीर्वाद
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 1 Comment »
ओशो के प्रति प्रेम अनेक लोगों का होता है लेकिन उस प्रेम को
सक्रिय बनाने और उसके लिये परिश्रम करने की प्रतिबद्धता
प्रत्येक में नही होती। आप में यह विरल गुणवता है । ओशो
का काम एक अपूर्व आनंद यात्रा है, इस यात्रा में आप आगे बढें,
हार्दिक शुभकामनाय
http://osho.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीयता एवम देश भक्ति से
ओत प्रोत कविताओं के रचयिता हैं जहाँ इन्होने हिन्दी कविता
में अपना एक प्रमुख स्थान बनाया है वहीं हिन्दी वेबसाईट
आरम्भ करके राष्ट्र भाषा को अन्तरराष्ट्रीय भाषा बनाने का
अद्वितीय प्रयास किया है, इस प्रयास की सराहना करता हूँ।
मैने पिछले 10-15 वर्षो में उनमे ऐसी कर्मठता देखी है कि […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन को मै बचपन से ही जानता हूँ
राजेश से चेतन कवि बनने की समस्त यात्रा
अपनी आँखो से देखी है । चेतन की कविता में
राष्ट्र चेतना है मै राजेश के उज्जवल
भविष्य की कामना करता हूँ ।
http://jagdishmittal.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
मेरी दृष्टि में ऊर्जा के पर्यायवाची हैं राजेश चेतन। राजेश जी
के व्यक्तित्व एवं कृतित्व- दोनों में ही असीम ऊर्जा है। जिस
प्रकार एक सफल कवि अपने भावों को दूसरों के मन तक
पहुचाना जानता है, राजेश जी के कृतित्व की सबसे बड़ी
सशक्तता यही है कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से मरे
हुए ह्वदय में भी ऊर्जा भर […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
हिन्दी साहित्य और भारतीय संस्कृति की आप जिस प्रकार से
सेवा कर रहे हैं, वह वन्दनीय है। ‘रंग दे बसंती’अमर शहिद
भगतसिंह की जन्म शताब्दी पर आप द्वारा किया गया एक
स्मरणीय दस्तावेज है। अक्षरम से जुड़कर आप प्रवासी
भारतीयों की सेवा कर रहे हैं। साधुवाद ।
http://diamondpublication.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
चेतन जी की उर्जा बनी काव्य का साज
काव्य मंच के एक दिन होगें वो सरताज
“जन-जन भारत भूमि का,करे राष्ट्र का काज “
दुनिया भर में गूंजती चेतन की आवाज
http://hindiusa.org
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
बहुअयामी व्यक्तित्व के स्वामी राजेश चेतन कर्मठ होने के
साथ-साथ एक सह्रदय और संवेदनशील दुनियादार इंसान हैं।
जिस समाज में वह रहते हैं उस समाज की खूबियों और
विसंगतियों को वह खूब अच्छी तरह पहचानते हैं। राजेश जी
जाग्रत हैं, चेतन हैं उनकी कविताओं में हास्य-व्यंग्य के साथ
ओज और राष्ट्रीयता के स्वर प्रखर है। हिंदी-भाषा के
प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन की कलम, राष्ट्रीय समाजिक और पारिवारिक
विसंगतियों के खिलाफ एक आंदोलन सा प्रतीत होती है ।
संवेदना को सहेजते हुए अपने आक्रोश को सीधे सपाट बयान
करना चेतन जी की विशेषता मानी जा सकती है । कविता
को हथियार की तरह उपयोग करने वाले श्री राजेश चेतन जी
को आकाश भर शुभकामनायें ।
http://omvyasom.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन की कवितायें भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत हैं.
राष्ट्रीयता उनकी रचनाओं में रची बसी है. राजेश जी के साथ
भारत और ब्रिटेन के अनेक नगरों में आयोजित साहित्यिक
कार्यक्रमों और कवि सम्मेलनों में भाग लिया. उनका सुसंस्कृत
व्यवहार आज भी स्मरण है.
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कोटि नक्षत्र जैसे नित गगन में टिमटिमाते हैं
हैं कितने लोग दुनियाँ में जो कि मन को लुभाते हैं
मगर दिनकर है केवल एक नभ को जगमगाता है
यूँ “चेतन” मित्र मेरे मन के आँगन मुस्कुराता है
http://gajendersolanki.com
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चेतन में चेतना ही नही संचेतना है। वे जैन हैं इसलिये बेचैन
है-पाश्चात्य संस्कृति के अंधा अनुकरण के कारण। इस कारण
राजेश जी अल्पायु मे ही हिन्दी काव्य जगत मे प्रदीप्त उन
नक्षत्रों की श्रेणी मे पहुँच चुके हैं जहाँ तक पहुँचने मे
जीवन लग जाता है फिर भी लक्ष्य अलभ्य ही रह जाता है।
उदार चिन्तता, सत्यवादिता, स्पष्टवादिता, ओजस्विता, […]
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जो अपनी विचार कविता से काव्य सुधा बरसाते है
अपनी ओजमय वाणी से सबका मन हर्षाते है
जिनकी कविताओं से जड से जड चेतन हो जाते हैं
जोरदार तालियां बजाये वो चेतन जी आते हैं ।
http://kavisuniljogi.com
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कवि होने से पहले किसी व्यक्ति का एक अच्छा
इन्सान होना बहुत जरूरी है तभी उस कवि की कोई
बात मन को छू पाती है और जीने की दिशा में प्रेरणा
से भर पाती है अन्यथा कोई कवि अगर बेहतरीन
इन्सान नही तो उसकी बात मन को छूती तो है लेकिन
प्रेरणा से भर नही पाती। इन अर्थों में राजेश […]
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चेतन जी की कलम और वाणी में सत्य लिखने और कहने का साहस है।
लेखन और व्यवहार में समानता के कारण इनके व्यक्तित्व की अलग पहचान है
शुभकामानाओं सहित
http://ritubasant.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
“वाणी नहीं संस्कार बोलते हैं” यह बात मुझे तब तब सच
लगी है जब जब मैने भाई राजेश चेतन की वाणी सुनी है,
उनके भीतर का तेजोमय रूप उनके मुखारविन्द पर छा जाता
है जो मुझे बहुत भाता है। एक संस्कारी विरासत की भव्यता
को उन्होंने जिस तरह अपने काव्य में समेटा है, प्रशंसनीय है।
राजेश के सरोकार राष्ट्र के […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
सत्य को सत्य मानना एक बात है लेकिन कह नही पाना
“जड़ता” है। सत्य को सत्य कहने का दुःसाहस करना “चेतनता”
का प्रतीक है। चेतन वही होता है जो जागृत होता है, सत्य के
प्रति समर्पण भाव रखता है, ऐसे ही मुखर व्यक्तित्व होते हैं
राजेश जैन “चेतन” जिनका हिन्दी के प्रति, देश के प्रति प्रेम
अद्वितीय है। “यथा नाम […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन हिन्दुस्तान का एक ऐसा सितारा है
जिसने हिन्दी को कम्प्यूटर में नये रुप मे उतारा है
जब हास्य पढ़ें तो श्रोता खिलखिला दें
और ओज पढ़े तो पूरा मंच हिला दें
http://rasikgupta.com
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