कविवर श्री सुरेश चंद्र शुक्ला, नार्वे
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
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राजेश चेतन की कवितायें भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत हैं. राष्ट्रीयता उनकी रचनाओं में रची बसी है. राजेश जी के साथ भारत और ब्रिटेन के अनेक नगरों में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रमों और कवि सम्मेलनों में भाग लिया. उनका सुसंस्कृत व्यवहार आज भी स्मरण है. |
