श्री स्वदेश कुमार जैन, महामंत्री जैन समाज, दिल्ली
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
![]() |
सत्य को सत्य मानना एक बात है लेकिन कह नही पाना “जड़ता” है। सत्य को सत्य कहने का दुःसाहस करना “चेतनता” का प्रतीक है। चेतन वही होता है जो जागृत होता है, सत्य के प्रति समर्पण भाव रखता है, ऐसे ही मुखर व्यक्तित्व होते हैं राजेश जैन “चेतन” जिनका हिन्दी के प्रति, देश के प्रति प्रेम अद्वितीय है। “यथा नाम तथा गुण” की कहावत को जीवन्त करते हैं राजेश जी। इनके उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। |
