Posted in अपनो की नज़र में on Jul 24th, 2007 No Comments »
हमें गर्व हो उन लोगों पर
जो करते हिन्दी का सच्चा काम
विश्व पटल पर चमक रहा है
आपकी पत्रिका का नाम
सबको लेकर चलने वाले
प्रथम पुरूष है एक इन्सान
राजेश चेतन दे रहे है नव चेतना
नव जागृति और नव प्रेरणा
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
एक कवि सम्मेलन में मैंने पहली बार राजेश ‘चेतन’ को सुना।
सुदर्शन व्यक्तित्व, सम्मोहक आँखों, धनुष की टंकार-सी आवाज़ और
सुन्दर प्रस्तुतिकरण ने श्रोताओं पर जादू सा कर दिया था मानो।
पूरा पंडाल मंत्रमुग्ध था। युवा कवि के शब्द-शब्द से उसका आत्म-विश्वास
छलक पड़ रहा था। हर व्यक्ति सम्मोहन की स्थिति में था।
कार्यक्रम की समाप्ति पर आपस में परिचय […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
कविवर श्री राजेश चेतन की कविताएँ जाड़ों की उस कच्ची,
गुनगुनी धूप का आभास देती हैं, जिसे आँख खोल कर जाँचने-परखने
में नहीं अपितु हल्की तन्द्रा में जिसके स्पर्श को अन्तरतम तक
अनुभूत करने में जो सुख है, वह शब्दातीत है।
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
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