कविवर श्री राजेन्द्र राजन, सहारनपुर
Aug 27th, 2007 by Rajesh Chetan
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रचना धर्मिता के क्षेत्र में दिग्बोधक चेतना से ओतप्रोत तथा सुदर्शन व्यक्तित्व के धनी प्रिय भाई श्री राजेश चेतन को जब – जब मैंने सुना है तो मुझे हिन्दी काव्य मंच की कविता के लड़खड़ाते दौर में एक सुदृढ़ समाज व ज्वलन्त मशाल की उपस्थिति का अहसास हुआ है| ऐसे संभावनाओं से लबरेज रचनाकार के उज्जवल भविष्य की मैं हृदय से कामना करता हूँ| |
