कविवर श्री प्रवीण शुक्ला, दिल्ली
Sep 8th, 2007 by Rajesh Chetan
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राजेश चेतन जी उन रचनाकारों में से हैं जिन्हे सुनना, पढ़ना और जिनसे मिलना तीनो ही सुखद अनुभव हैं। उनसे मिलकर यह निर्णय करना मुश्किल है कि वे कवि अधिक बडे है या इन्सान। ये खूबी मंच के चुनिंदा कवियों को ही प्राप्त है। राजेश चेतन उन रचानाकारों में है जिन्होने राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं वरन् अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी कविता और साहित्य को प्रतिष्ठित करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे इसी प्रकार निरंतर सृजनरत रहकर हिन्दी और हिन्दुस्तान के लिये कार्य करते रहें। मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। |
