कविवर श्री महेन्द्र अजनबी, दिल्ली
Sep 11th, 2007 by Rajesh Chetan
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मैंने प्रिय राजेश चेतन का पूरा काव्य जीवन अपनी आँखों से देखा है। प्रारम्भ से लेकर अब तक राजेश की काव्य प्रतिभा हर रोज निखरती रही है। वो आज हजारों हजारों लोगों के हृदय में उतरता है। वह आज मंच का बहुत-बहुत सफल कवि है। इसके साथ ही वह बहुत अच्छा मित्र, बहुत अच्छा व्यक्ति भी है। मैं उसके बहुत-बहुत उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ। |
