कविवर चौधरी मदन मोहन ‘समर’, भोपाल
Feb 8th, 2008 by Rajesh Chetan
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तरुणाई को दे दिशा, जिसका शब्द सृजन जड़ता को चेतन करें, वो कवि है “चेतन” सुप्त भावनाओं पर जमी जड़ता की ठंडी राख को हटा कर |
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Feb 8th, 2008 by Rajesh Chetan
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तरुणाई को दे दिशा, जिसका शब्द सृजन जड़ता को चेतन करें, वो कवि है “चेतन” सुप्त भावनाओं पर जमी जड़ता की ठंडी राख को हटा कर |