कविवर श्री ओम प्रकाश आदित्य, दिल्ली
Feb 9th, 2008 by Rajesh Chetan
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राजेश चेतन मूलतः राष्ट्रीय चेतना के कवि हैं। उनकी रचनाओं की ओजस्वी हुंकार में मातृभूमि, घर, प्यार और देश की अस्मिता से समर्पित संस्कारों की उदबोधन भरी पुकार है। देश की मिट्टी की सौंधी सुगंध से उनकी रचनायें सुवासित हैं। वे हंसाते हंसाते भी व्यंग्यमयी शैली में राष्ट्रीय गौरव की गरिमा का संदेश देना नहीं भूलतें। कविता चेतन के लिये मात्र मनोरंजन का साधन नहीं, राष्ट्र के प्रति सचेत सिपाही का काव्यात्मक समर्पण है और यह प्रतिबद्धता उन में सहज स्फूर्त है, ओढ़ी हुई नहीं है जैसा कि प्रायः अन्य रचनाकारों में देखने को मिलती हैं। यह इस बात से उजागर होता है कि वे अपने जीवन में भी इन भावनाओं को जीते हैं और प्रदीप्त करते हैं। चेतन कितनी ऐसी राष्ट्रीय अस्मिता की संस्तुति से सम्बद्ध संस्थाओं से जुड़े हैं जो निस्वार्थ भाव से देश की संस्कृति और संस्कारों की इस पाश्चात्य अपसंस्कृति से प्रभावित पीढ़ी में संचेतना जगाने में सन्नद्ध है। चेतन एक संस्कारशील सक्षम कवि और विनम्र एवं शिष्ट समाजसेवी इंसान है। उनकी कीर्ति की धवल पताका देश में ही नहीं विदेश में भी हिन्दी और हिन्दुस्तान की गौरव गाथा को सतत संवर्धित एवं चर्चित करने में गतिमान है। कवि सम्मेलन मंचों के वे सफल संचालक ही नहीं इस विद्या का विस्तार और सुरुचिपूर्ण प्रसार कर हिन्दी के प्रति जो सुकार्य कर रहे है वह हिन्दी काव्य और मातृभाषा के लिये सराहनीय है। मेरी हार्दिक शुभकामनायें कि चेतन मातृभाषा, मातृभूमि और अपनी संस्कृति को अपनी कृति के माध्यम से सुशोभित कर सिद्धि और प्रसिद्धि के नित नये सोपान चढ़ते रहें। |
