Posted in अपनो की नज़र में on Feb 9th, 2008 No Comments »
राजेश चेतन एक ऐसे कवि हैं जो हिन्दी भाषा और
साहित्य के विकास में जी जान से जुटे हैं। वे पूरी निष्ठा
और लगन से भारतीय संस्कृति की पूजा में निमग्न है
और ये आराधना वे सहित्य के माध्यम से कर रहे हैं।
उनकी संचालन क्षमता और प्रबन्धन क्षमता स्तुत्य और
सराहनीय है। कवि सम्मेलनों में जब वे अपनी कविताओं
के […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Feb 9th, 2008 No Comments »
राजेश चेतन मूलतः राष्ट्रीय चेतना के कवि हैं। उनकी रचनाओं की
ओजस्वी हुंकार में मातृभूमि, घर, प्यार और देश की अस्मिता से
समर्पित संस्कारों की उदबोधन भरी पुकार है। देश की मिट्टी की
सौंधी सुगंध से उनकी रचनायें सुवासित हैं। वे हंसाते हंसाते भी
व्यंग्यमयी शैली में राष्ट्रीय गौरव की गरिमा का संदेश देना नहीं भूलतें।
कविता चेतन के लिये […]
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प्रियवर राजेश ‘चेतन’ नई पीढ़ी के एक ऐसे ही संस्कारवान व्यक्ति हैं
जिनकी कविता के प्रति प्रतिबद्धता, समर्पण व आस्था उनके व
हिन्दी मंचीय कविता के भविष्य के प्रति आश्वस्त करती है।
http://hariompanwar.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Feb 9th, 2008 No Comments »
हरियाणा के गौरव तथा देश के ओजस्वी कवि राजेश चेतन
ने राष्ट्रीय ही नहीं, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर भारतीयता एवम्
राष्ट्रीयता का सन्देश अपनी कविताओं के माध्यम से देश-विदेश
में घूम-घूम कर तो पहुँचाया ही है, अब वेब-साइट द्वारा विश्व के
समस्त हिन्दी कविता प्रेमियों के लिये सुलभ कर दिया है। मेरी
हार्दिक मंगल कामना है कि इस अन्तर्राष्ट्रीय माध्यम […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Feb 9th, 2008 No Comments »
मैं तुम्हारी प्रगति का साक्षी हूं। तुम्हारे निरंतर बढ़ते पग,
पाठकों का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं। मैं प्रसन्न हूं कि सामाजिक
और राजनीतिक घटनाएं तत्काल तुम्हारी कलम को पकड़ लेती हैं;
और तुम उन्हें कलात्मक ढंग से अपने पाठकों तक पहुंचा देते हो।
http://www.narendrakohli.org
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Posted in अपनो की नज़र में on Feb 8th, 2008 No Comments »
तरुणाई को दे दिशा, जिसका शब्द सृजन
जड़ता को चेतन करें, वो कवि है “चेतन”
सुप्त भावनाओं पर जमी जड़ता की ठंडी राख को हटा कर
राष्ट्रवाद की उष्मा को चैतन्यता देने वाले शब्दों के शिल्पी
प्रिय मित्र राजेश चेतन को बहुत-बहुत शुभकामनायें
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Posted in अपनो की नज़र में on Feb 8th, 2008 No Comments »
अच्छे कवि होने की पहली शर्त है अच्छा इंसान होना और
ये विशेषता राजेश जी में है। वे बाहर से जितने रूक्ष दिखते हैं
अन्दर से उतने ही स्निंग्ध हैं। उनकी कुछ विशेष कविताओं का
मैं प्रशंसक भी हूँ।
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Posted in अपनो की नज़र में on Dec 6th, 2007 No Comments »
भईया आपसे पहली मुलाकात उतने ही समय की थी जितने
समय में एक मोहनी एक भोले-भाले नवजवान को अपना बना लेती
है परंतु दूसरी मुलाकात उतनी ही लम्बी, जितने लम्बे समय के बाद
एक प्रेमी दूसरी प्रेमिका कि तलाश करने लगता है।
भईया आपके अन्दर जो सरलता है वह आकर्षण का कारण है
परंतु कविता […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 24th, 2007 No Comments »
राजेश चेतन एक ऊर्जावान युवा कवि हैं, जिन्हें निःसन्देह
‘ओज का कवि’ कहा जा सकता है। मैंने उनकी कविता को निरन्तर
निखरते हुए देखा है। कविता लेखन में वे एक बेहद ईमानदार और
मौलिक कवि हैं। उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता उनकी कविताओं में मुखर
रूप से सामने आती है। इस मायने में वे बिना लागलपेट के, बिना
किसी की परवाह किए […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 19th, 2007 No Comments »
किसी भी बड़े रचनाकार को पहचान व प्रतिष्ठा एक दिन
में नहीं मिलती। इसके पीछे उसका लक्ष्य, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा
व ईमानदारी साथ रहती है। संघर्ष से मिली सफलता स्थायी
रहती है, बशर्ते किसी भी प्रकार के अभिमान में वह रचनाकार
नहीं आए। ऐसे ही रचनाकार-काव्यधर्मी हैं श्री राजेश चेतन।
आज वह सफलता के जिस मुकाम पर खड़े हैं, वह उनके
संघर्ष […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 14th, 2007 No Comments »
राजेश चेतन अपने आप में एक बहुमुखी प्रतिभा के
अदभुद व्यक्ति हैं। मेरी इनकी पहचान वर्षों पुरानी है उनका
एक मानवीय गुण है कि जिसका कोई नहीं होता है उसको
सहारा देते हैं मैं स्वयं इसका एक उदाहरण हूँ। राजेश चेतन
ने जो लिखा वह उनकी मौलिकता का परिचायक हैं जब वे
मुझसे मिलते हैं, मैं अभिभूत हो जाता हूँ। […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 11th, 2007 No Comments »
मैंने प्रिय राजेश चेतन का पूरा काव्य जीवन अपनी
आँखों से देखा है। प्रारम्भ से लेकर अब तक राजेश की
काव्य प्रतिभा हर रोज निखरती रही है। वो आज हजारों
हजारों लोगों के हृदय में उतरता है। वह आज मंच का
बहुत-बहुत सफल कवि है। इसके साथ ही वह बहुत
अच्छा मित्र, बहुत अच्छा व्यक्ति भी है। मैं उसके
बहुत-बहुत उज्जवल […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 10th, 2007 No Comments »
पहली मुलाकात में ही आत्मीयता से विभोर कर देने
वाले रस-मर्मज्ञ कवि राजेश चेतन निश्चित ही कविता के
कुरुक्षेत्र में अपने सूर्य रथ पर आरुढ हो अपनी आभा का
नव्य एवं चैतन्य आभास देने में सक्षम सिद्ध हुए हैं।
इनकी कविताओं में जीवन मूल्यों के प्रति आस्था,
विसंगतियों-विडम्बनाओं-विद्रूपताओं के प्रति चैतन्य
व्यंग्य-धर्मिता सहज ही प्रतिबिंबित होती है।
भौतिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 8th, 2007 No Comments »
राजेश चेतन जी उन रचनाकारों में से हैं जिन्हे
सुनना, पढ़ना और जिनसे मिलना तीनो ही सुखद
अनुभव हैं। उनसे मिलकर यह निर्णय करना मुश्किल
है कि वे कवि अधिक बडे है या इन्सान। ये खूबी मंच
के चुनिंदा कवियों को ही प्राप्त है। राजेश चेतन उन
रचानाकारों में है जिन्होने राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं वरन्
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Sep 5th, 2007 No Comments »
राजेश चेतन आधुनिक हिन्दी मञ्चीय कविता का एक ऐसा
सशक्त नाम है जिनके शब्दों में केशव के पाञ्चजन्य की गूँज है।
परिवर्तन की क्षमता है। क्रान्ति की लपटें है। असत्य, अशिव और
असुन्दर को चुनौती है। सत्यम शिवम सुन्दरम की स्थापना का
संकल्प है। उनके स्वर में एक ओर रणभेरी का प्रखर नाद है
तो दूसरी ओर गीत की गंगा […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Aug 27th, 2007 No Comments »
संस्कारवान व्यक्ति की कलम से संस्कारो को सुगन्धित करती हुई
लेखनी के प्रति मेरी बधाइयाँ । हिंदी साहित्य के लम्बे काफिले का यह
पैदल सिपाही हिंदी का ध्वज लिए गांव – गांव ढाणी ढाणी से लेकर
सात समुंदर पार तक हिन्दी का ध्वज फहराकर आया है। हिंदी भाषा की
बिन्दी लगाई है| हिंदी भाषा हमारी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा है। राष्टृभाषा […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Aug 27th, 2007 No Comments »
रचना धर्मिता के क्षेत्र में दिग्बोधक चेतना से ओतप्रोत तथा सुदर्शन
व्यक्तित्व के धनी प्रिय भाई श्री राजेश चेतन को जब – जब मैंने सुना है
तो मुझे हिन्दी काव्य मंच की कविता के लड़खड़ाते दौर में एक सुदृढ़
समाज व ज्वलन्त मशाल की उपस्थिति का अहसास हुआ है|
ऐसे संभावनाओं से लबरेज रचनाकार के उज्जवल भविष्य की मैं
हृदय […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Aug 8th, 2007 No Comments »
Posted in अपनो की नज़र में on Aug 7th, 2007 No Comments »
जितना खूबसूरत व्यक्तित्व वैसी ही कवितायें मुखरित होती है
प्रिय राजेश चेतन की कलम से। जब से मैंने उन्हे जाना है सदैव बेहद
अनुशासित, संयमित और आदर्श व्यक्ति के रूप में पाया है। जैसी सोच
उनकी कविताओं में प्रवाहित होती है, वैसी ही भावनाओं से ओत प्रोत है
उनका सादगी भरा व्यवहार। ईश्वर से प्राथना है सदैव राजेश भाई […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 24th, 2007 No Comments »
हमें गर्व हो उन लोगों पर
जो करते हिन्दी का सच्चा काम
विश्व पटल पर चमक रहा है
आपकी पत्रिका का नाम
सबको लेकर चलने वाले
प्रथम पुरूष है एक इन्सान
राजेश चेतन दे रहे है नव चेतना
नव जागृति और नव प्रेरणा
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
एक कवि सम्मेलन में मैंने पहली बार राजेश ‘चेतन’ को सुना।
सुदर्शन व्यक्तित्व, सम्मोहक आँखों, धनुष की टंकार-सी आवाज़ और
सुन्दर प्रस्तुतिकरण ने श्रोताओं पर जादू सा कर दिया था मानो।
पूरा पंडाल मंत्रमुग्ध था। युवा कवि के शब्द-शब्द से उसका आत्म-विश्वास
छलक पड़ रहा था। हर व्यक्ति सम्मोहन की स्थिति में था।
कार्यक्रम की समाप्ति पर आपस में परिचय […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
कविवर श्री राजेश चेतन की कविताएँ जाड़ों की उस कच्ची,
गुनगुनी धूप का आभास देती हैं, जिसे आँख खोल कर जाँचने-परखने
में नहीं अपितु हल्की तन्द्रा में जिसके स्पर्श को अन्तरतम तक
अनुभूत करने में जो सुख है, वह शब्दातीत है।
http://kumarvishwas.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Jul 23rd, 2007 No Comments »
http://bharatbhakti.org
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Posted in अपनो की नज़र में on May 16th, 2007 No Comments »
काव्य सुधा का पिला पैमाना, सबको मदहोश बना दिया
शब्दों की शक्ति क्या है, जन जन को ये बता दिया
हे चेतन चितचोर, हूँ भाव विभोर, मित्र तुमसा जो पाया
घन शब्दों के बने रहो, देते रहना शीतल छाया
http://jagbirrathee.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 25th, 2007 No Comments »
ओज भरी वाणी में गर्जन सी कविताएँ,
सत्य, धर्म, मानवता की बगिया महकाएँ,
बगिया महकाएँ झूमे मौसम का सरपंच,
‘चेतन’ हो चहके जीवन का हर परपंच,
कलम करे नित अद्भुत सी वनवासी खोज,
दिग दिगन्त तक गूँजे गर्जित गर्वित ओज।
http://kaviabhinav.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 23rd, 2007 No Comments »
ब्रह्मा संसार का सृजन कर्त्ता है।, ‘राजेश’ साहित्य का सृजन कर
उसमें अपनी कलम से रंग भरता है॥, विष्णु प्रजा पालक है।
‘राजेश’ साहित्य का चालक है॥, महेश होश पूर्वक जीना सिखाता है।
राजेश ‘चेतन ‘ बन, मन में चेतना जगाता है॥
सच है – राजेश चेतन।, प्रकाशित करता है, आत्मा, तन और मन॥
http://kaviyusuf.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 23rd, 2007 No Comments »
अत्यन्त हर्ष का विषय है कि देश की राष्ट्रीय धारा के
प्रबुद्ध चिन्तक एवं ओजस्वी कवि प्रिय राजेश चेतन की ‘वेब-साइट’
प्रारम्भ हो रही है। अपनी बात को आधुनिक समाज तक संप्रेषित
करने के लिए अत्याधुनिक टेक्नीक की आवश्यकता होती है
समय की भी यही मांग है।
मेरी ओर से हार्दिक मंगलकामनाएँ !
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश “चेतन” एक संस्कार सम्पन्न कवि हैं। उनकी भाषा में
सरलता के साथ साथ विषय को प्रस्तुत करने की भरपूर
क्षमता है। यही कारण है कि अनेक विषयों पर उनकी लेखनी
ने समान रुप से अधिकार सहित अभिव्यक्ति को साकार रुप
प्रदान किया है।
राजेश चेतन को आशीर्वाद
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 1 Comment »
ओशो के प्रति प्रेम अनेक लोगों का होता है लेकिन उस प्रेम को
सक्रिय बनाने और उसके लिये परिश्रम करने की प्रतिबद्धता
प्रत्येक में नही होती। आप में यह विरल गुणवता है । ओशो
का काम एक अपूर्व आनंद यात्रा है, इस यात्रा में आप आगे बढें,
हार्दिक शुभकामनाय
http://osho.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीयता एवम देश भक्ति से
ओत प्रोत कविताओं के रचयिता हैं जहाँ इन्होने हिन्दी कविता
में अपना एक प्रमुख स्थान बनाया है वहीं हिन्दी वेबसाईट
आरम्भ करके राष्ट्र भाषा को अन्तरराष्ट्रीय भाषा बनाने का
अद्वितीय प्रयास किया है, इस प्रयास की सराहना करता हूँ।
मैने पिछले 10-15 वर्षो में उनमे ऐसी कर्मठता देखी है कि […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
राजेश चेतन को मै बचपन से ही जानता हूँ
राजेश से चेतन कवि बनने की समस्त यात्रा
अपनी आँखो से देखी है । चेतन की कविता में
राष्ट्र चेतना है मै राजेश के उज्जवल
भविष्य की कामना करता हूँ ।
http://jagdishmittal.com
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
मेरी दृष्टि में ऊर्जा के पर्यायवाची हैं राजेश चेतन। राजेश जी
के व्यक्तित्व एवं कृतित्व- दोनों में ही असीम ऊर्जा है। जिस
प्रकार एक सफल कवि अपने भावों को दूसरों के मन तक
पहुचाना जानता है, राजेश जी के कृतित्व की सबसे बड़ी
सशक्तता यही है कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से मरे
हुए ह्वदय में भी ऊर्जा भर […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
हिन्दी साहित्य और भारतीय संस्कृति की आप जिस प्रकार से
सेवा कर रहे हैं, वह वन्दनीय है। ‘रंग दे बसंती’अमर शहिद
भगतसिंह की जन्म शताब्दी पर आप द्वारा किया गया एक
स्मरणीय दस्तावेज है। अक्षरम से जुड़कर आप प्रवासी
भारतीयों की सेवा कर रहे हैं। साधुवाद ।
http://diamondpublication.com
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चेतन जी की उर्जा बनी काव्य का साज
काव्य मंच के एक दिन होगें वो सरताज
“जन-जन भारत भूमि का,करे राष्ट्र का काज “
दुनिया भर में गूंजती चेतन की आवाज
http://hindiusa.org
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बहुअयामी व्यक्तित्व के स्वामी राजेश चेतन कर्मठ होने के
साथ-साथ एक सह्रदय और संवेदनशील दुनियादार इंसान हैं।
जिस समाज में वह रहते हैं उस समाज की खूबियों और
विसंगतियों को वह खूब अच्छी तरह पहचानते हैं। राजेश जी
जाग्रत हैं, चेतन हैं उनकी कविताओं में हास्य-व्यंग्य के साथ
ओज और राष्ट्रीयता के स्वर प्रखर है। हिंदी-भाषा के
प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध […]
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राजेश चेतन की कलम, राष्ट्रीय समाजिक और पारिवारिक
विसंगतियों के खिलाफ एक आंदोलन सा प्रतीत होती है ।
संवेदना को सहेजते हुए अपने आक्रोश को सीधे सपाट बयान
करना चेतन जी की विशेषता मानी जा सकती है । कविता
को हथियार की तरह उपयोग करने वाले श्री राजेश चेतन जी
को आकाश भर शुभकामनायें ।
http://omvyasom.com
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राजेश चेतन की कवितायें भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत हैं.
राष्ट्रीयता उनकी रचनाओं में रची बसी है. राजेश जी के साथ
भारत और ब्रिटेन के अनेक नगरों में आयोजित साहित्यिक
कार्यक्रमों और कवि सम्मेलनों में भाग लिया. उनका सुसंस्कृत
व्यवहार आज भी स्मरण है.
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कोटि नक्षत्र जैसे नित गगन में टिमटिमाते हैं
हैं कितने लोग दुनियाँ में जो कि मन को लुभाते हैं
मगर दिनकर है केवल एक नभ को जगमगाता है
यूँ “चेतन” मित्र मेरे मन के आँगन मुस्कुराता है
http://gajendersolanki.com
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चेतन में चेतना ही नही संचेतना है। वे जैन हैं इसलिये बेचैन
है-पाश्चात्य संस्कृति के अंधा अनुकरण के कारण। इस कारण
राजेश जी अल्पायु मे ही हिन्दी काव्य जगत मे प्रदीप्त उन
नक्षत्रों की श्रेणी मे पहुँच चुके हैं जहाँ तक पहुँचने मे
जीवन लग जाता है फिर भी लक्ष्य अलभ्य ही रह जाता है।
उदार चिन्तता, सत्यवादिता, स्पष्टवादिता, ओजस्विता, […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
जो अपनी विचार कविता से काव्य सुधा बरसाते है
अपनी ओजमय वाणी से सबका मन हर्षाते है
जिनकी कविताओं से जड से जड चेतन हो जाते हैं
जोरदार तालियां बजाये वो चेतन जी आते हैं ।
http://kavisuniljogi.com
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कवि होने से पहले किसी व्यक्ति का एक अच्छा
इन्सान होना बहुत जरूरी है तभी उस कवि की कोई
बात मन को छू पाती है और जीने की दिशा में प्रेरणा
से भर पाती है अन्यथा कोई कवि अगर बेहतरीन
इन्सान नही तो उसकी बात मन को छूती तो है लेकिन
प्रेरणा से भर नही पाती। इन अर्थों में राजेश […]
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Posted in अपनो की नज़र में on Apr 21st, 2007 No Comments »
चेतन जी की कलम और वाणी में सत्य लिखने और कहने का साहस है।
लेखन और व्यवहार में समानता के कारण इनके व्यक्तित्व की अलग पहचान है
शुभकामानाओं सहित
http://ritubasant.com
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“वाणी नहीं संस्कार बोलते हैं” यह बात मुझे तब तब सच
लगी है जब जब मैने भाई राजेश चेतन की वाणी सुनी है,
उनके भीतर का तेजोमय रूप उनके मुखारविन्द पर छा जाता
है जो मुझे बहुत भाता है। एक संस्कारी विरासत की भव्यता
को उन्होंने जिस तरह अपने काव्य में समेटा है, प्रशंसनीय है।
राजेश के सरोकार राष्ट्र के […]
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सत्य को सत्य मानना एक बात है लेकिन कह नही पाना
“जड़ता” है। सत्य को सत्य कहने का दुःसाहस करना “चेतनता”
का प्रतीक है। चेतन वही होता है जो जागृत होता है, सत्य के
प्रति समर्पण भाव रखता है, ऐसे ही मुखर व्यक्तित्व होते हैं
राजेश जैन “चेतन” जिनका हिन्दी के प्रति, देश के प्रति प्रेम
अद्वितीय है। “यथा नाम […]
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राजेश चेतन हिन्दुस्तान का एक ऐसा सितारा है
जिसने हिन्दी को कम्प्यूटर में नये रुप मे उतारा है
जब हास्य पढ़ें तो श्रोता खिलखिला दें
और ओज पढ़े तो पूरा मंच हिला दें
http://rasikgupta.com
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