Posted in चलते-चलते on Oct 1st, 2007 No Comments »
दिनाँक – 21-08-2002 को प्रातः 8-45 बजे के एल एम से यू के राजधानी लन्दन पहुचें। एयरपोर्ट पर श्री पदमेश गुप्ता व श्री अनिल शर्मा उपस्थित थे । एयरपोर्ट पर चाय पीने के बाद श्रीमती सरोजनी प्रीतम को श्री पदमेश गुप्ता के घर छोड़कर मै और गजेन्द्र जी आनेलगी के निवास नार्थ वेम्बले पहूँचे । […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Sep 25th, 2007 No Comments »
डा॰ वेन आल्फन हर्मन, टैक्सास विश्वविद्यालय, आस्टिन (USA) में विगत चार दशकों से हिन्दी का अध्ययन-अध्यापन कर रहे हैं। उन्होनें हिन्दी के क्रियापदों के अलावा हिन्दी की संरचना एवं साहित्य की विभिन्न विधाओं पर भी शोध कार्य किया है। पिछले दिनों अमरीकी राष्ट्रपति बुश द्वारा घोषित राष्ट्रीय सुरक्षा भाषा पहल (नेशनल सेक्यूरिटी लैंग्वेज इनीशिएटिव) कार्यक्रम […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 No Comments »
एक ओर देश की सेना कारगिल में शत्रुओं से जूझ रही थी तो दूसरी ओर देश की जनता वर्ल्ड कप क्रिकेट मे डूबी थी तिरंगे मे लिपट कर जवानो के शव आ रहे थे कि एक दिन कुछ मित्रों के साथ तत्कालीन उपप्रधान मंत्री व गृहमंत्री श्री लाल कृष्ण अडवाणी से मिलने का अवसर मिला। […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 No Comments »
हिन्दी देववाणी संस्कृत की बेटी है । हमारी राष्ट्र भाषा, राज्य भाषा और हम सबकी अभिलाषा है । हिन्दी आजादी के आन्दोलन का गीत, साम्प्रदायिक सौहार्द का संगीत तथा भारत माँ की आरती है । हिन्दी के कारण ही हम सब भारतवासी भारती हैं, हिन्दी हैं, हिन्दुस्तानी हैं । भाषा किसी भी देश की आत्मा […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 1 Comment »
आज विश्व शक्ति का नाम ही अमरीका है । संयुक्त राष्ट्र संघ का कार्यालय भी अमरीका में है, भले ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने हिन्दी को अभी तक स्वीकार नहीं किया है परंतु विश्व शक्ति के आंगन में हिन्दी का छोटा पौधा फल-फूल रहा है । सबसे पहले स्वतंत्रता प्रतीक लिबर्टी प्रतिमा को प्रणाम करता […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 No Comments »
मस्कट ओमान की राजधानी, सुंदर, सुसस्जित, एक ओर समन्दर,दूसरी ओर पहाड, शापिंग माल, होटल्स, 25 लाख की आबादी के ओमान देश की एक चौथाई जनसंख्या यहां निवास करती है । अगर आपको अंग्रेजी नही आती ना ही अरबी आती तो घबराना नहीं ओमान मे हिन्दी से भी आपका काम बखूबी चलेगा । दिल्ली से अहमदाबाद […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 No Comments »
पानीपत का इतिहासिक किला, किले पर आकर्षक अग्रसेन वाटिका, वाटिका के भव्य मंच पर 18 बर्ष पूर्ण होने पर युवा अग्रवाल क्लब का स्मारिका लोकार्पण उत्सव, संगीत की धुनें, पुष्प बर्षा, शंखनाद, सुसज्जित दीप मालिका, वन्दन गीत, आरती, नृत्य कविता पाठ, समाज के बुजुर्गों का सम्मान, समाज के बालकों द्वारा आकर्षक कार्यक्रम, खचाखच भरा पंडाल, […]
Read Full Post »
Posted in चलते-चलते on Apr 21st, 2007 No Comments »
हंसते खिलते फूलों को ही जग की आंखो का प्यार मिला
अंधियारे में जलने वाले हर दीपक को सत्कार मिला
जो अपने से बाहर आया उसको सारा संसार मिला
जिसने मरना सीखा उसको ही जीने का अधिकार मिला
बचपन में ही डा. कुंअर बेचैन की उपरोक्त पंक्तियों ने मुझे प्रभावित किया, आरम्भ से ही अपने शहर भिवानी के कवि […]
Read Full Post »