Jul 14th, 2008 by Rajesh Chetan
कृष्ण की बंसुरिया पे नर नार झुमते थे
नन्द जी का बेटा सबका दुलारा हो गया
घर छोड़ पति छोड़ और सन्तान छोड़
गोपियों का रोम रोम श्याम प्यारा हो गया
लोकलाज छोड़ कर श्याम संग रास किया
गोकुल का लाल सबका सहारा हो गया
कृष्ण के विरह में गोपियों के आसुंओ से
ब्रजभूमि सारा जल खारा खारा हो गया
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Feb 4th, 2008 by Rajesh Chetan
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Feb 4th, 2008 by Rajesh Chetan
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Jan 17th, 2008 by Rajesh Chetan
आचार्य मानतुंग का जो मान रखा आदीप्रभु
प्रार्थना ये करता हूं आपके चरण में
सत्य का पुजारी रहूं दीजिए आशीष मुझे
घूमता रहूं मैं चाहे नगर या वन में
भक्ताम्बर जी की रचना हुई तो देखो
ताले खुल खुल गिरे इक इक क्षण में
आपकी ये वन्दना का पाठ करूं रोज रोज
लीजिए मुझे भी प्रभु अपनी शरण में
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Oct 1st, 2007 by Rajesh Chetan
खेत खेत बन्दूकों की खेती करने की ठानी
आजादी का मंत्र सारे भारत में बो गया
एसेम्बली में बम फेंक इंकलाब बोल उठा
रंग दे बसन्ती गीत गाते गाते सो गया
गांधी जी की बकरी की रस्सी तो दिखाई गई
भगत की फांसी वाला फंदा कही खो गया
आजादी के दीवाने को पावन नमन मेरा
बलिदानी कहानी भगत सिंह हो गया
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Sep 28th, 2007 by Rajesh Chetan
जोतराम - शोभा घर ग्राम बड़ोदा घर
हरियाणा प्रान्त जन्म आप स्वाभिमानी थे
आँखों में चमक और वाणी में मधुर भाव
जिनवाणी साधना में आप बड़े ज्ञानी थे
चरणों में झुकते ही मन फूल खिल उठे
गुरुवर सच में ही आप बड़े ध्यानी थे
मुनि मायाराम जी को वन्दन नमन मेरा
त्याग तप संयम की अजब कहानी थे
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Sep 24th, 2007 by Rajesh Chetan
विदेशी वस्तुओं की होली आपने जलाई बापू
हमको विदेशी माल सबसे ही प्यारा है
चरखा भी भारत में घायल सा दीखता है
खादी हुई नेताओं के वोट का सहारा है
अंग्रेजी अंग्रेजी हर ओर अंग्रेजी
हिन्दी से तो कर लिया हमने किनारा है
गोडसे की गोली से मरा था गांधी का शरीर
गांधीवादियों ने गांधी आत्मा को मारा है
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Jul 25th, 2007 by Rajesh Chetan
गोकुल में गोपाल बरसाने नन्दलाल
वृन्दावन में तो आप रास बिहारी हैं
ग्वालों संग वन वन गाय को चराने वाले
प्रभु दीनानाथ मेरे आप बनवारी हैं
कंस पूतना का वध काली सिर नृत्य किया
लीलायें रचाने वाले आप लीलाधारी हैं
महाभारत का युद्ध भूमि हुई लाल लाल
जन जन बोल उठा आप अवतारी हैं
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Jul 24th, 2007 by Rajesh Chetan
कान्हा तेरी बांसुरी ने किया है कमाल ऐसा
झूमते हैं नर नार झूमती है गैया
गोप-गोपियों के संग नाचत है लाल जब
मात यशोदा भी लेत उनकी बलैया
घर घर घूम घूम माखन चुराने वाला
बोल रहा है चोरी नही की है मेरी मैया
सारा ब्रज मण्डल भी झूम झूम बोलता है
धन धन धन धन दाऊ जी के भैया
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Jul 23rd, 2007 by Rajesh Chetan
जेल में जन्म लिया ताले सब खुल गये
द्वारपाल निद्रा विलाप करने लगे
बारिश तूफान वेग बढता ही जा रहा था
पानी में उतर वासुदेव डरने लगे
पांव छू के जमना ने रास्ता बनाया और
शेषनाग छाता बन साथ चलने लगे
नन्द के महल लाल छोड वासुदेव गये
यशोदा की गोद में हरि मचलने लगे
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