बापू
Posted in छन्द on May 30th, 2007 No Comments »
गांधी तेरा नाम तो दुकान हो गया है बापू
कई गांधी आये और कई गांधी जा रहे
राजघाट जाते सब शीश भी झुकाते सब
बापू तेरी वंदना को सुबह शाम गा रहे
बंदना का ऐसा है प्रभाव तेरी जनता पे
नकली ये गांधी आज मान बड़ा पा रहे
जल्दी से आओ बापू हमको बचाओ बापू
गांधीवादी आज पूरे देश को ही खा […]