Feed on
Posts
Comments

मुख पृष्ठ  |  परिचय  |  चित्र-दीर्घा  |  पुस्तकें  |  आडियो-विडियो  |   अपने मित्र को बताएं  |  अपनों की नज़र में  |  प्रेस  |  सम्पर्क  |   My Blog

Archive for the 'छन्द' Category

कृष्ण की बंसुरिया पे नर नार झुमते थे
नन्द जी का बेटा सबका दुलारा हो गया
घर छोड़ पति छोड़ और सन्तान छोड़
गोपियों का रोम रोम श्याम प्यारा हो गया
लोकलाज छोड़ कर श्याम संग रास किया
गोकुल का लाल सबका सहारा हो गया
कृष्ण के विरह में गोपियों के आसुंओ से
ब्रजभूमि सारा जल खारा खारा हो गया

Read Full Post »

पांव पांव चल चल सत्य का उजाला किया
गांव गांव गली गली शांति यज्ञ हो गये
प्राकृत और पाली वाले ग्रन्थों का संधान कर
बाल सन्त तेजोमयी स्वयं विज्ञ हो गये
प्रेक्षाध्यान विधि नव जीवन विज्ञान रचा
साधक सान्निध्य पा के सर्वज्ञ हो गये
गुरुवर तुलसी का मिला आशीष दिव्य
मुनिवर नथमल महाप्रज्ञ हो गये

Read Full Post »

छोटे छोटे नियमों से जीवन बदल गया
महावीर प्रभु जी का संदेश आया है
अणुव्रत आपका ये घर घर गूंज रहा
प्यार भरा गीत सारी दुनिया ने गाया है
त्याग तपस्या को देख जन जन बोल उठा
नया युग नया धर्म आपने चलाया है
शत शत नमन है गुरुवर तुलसी को
अणुबम युग में भी अणुव्रत छाया है

Read Full Post »

आचार्य मानतुंग का जो मान रखा आदीप्रभु
प्रार्थना ये करता हूं आपके चरण में
सत्य का पुजारी रहूं दीजिए आशीष मुझे
घूमता रहूं मैं चाहे नगर या वन में
भक्ताम्बर जी की रचना हुई तो देखो
ताले खुल खुल गिरे इक इक क्षण में
आपकी ये वन्दना का पाठ करूं रोज रोज
लीजिए मुझे भी प्रभु अपनी शरण में

Read Full Post »

खेत खेत बन्दूकों की खेती करने की ठानी
आजादी का मंत्र सारे भारत में बो गया
एसेम्बली में बम फेंक इंकलाब बोल उठा
रंग दे बसन्ती गीत गाते गाते सो गया
गांधी जी की बकरी की रस्सी तो दिखाई गई
भगत की फांसी वाला फंदा कही खो गया
आजादी के दीवाने को पावन नमन मेरा
बलिदानी कहानी भगत सिंह हो गया

Read Full Post »

जोतराम - शोभा घर ग्राम बड़ोदा घर
हरियाणा प्रान्त जन्म आप स्वाभिमानी थे
आँखों में चमक और वाणी में मधुर भाव
जिनवाणी साधना में आप बड़े ज्ञानी थे
चरणों में झुकते ही मन फूल खिल उठे
गुरुवर सच में ही आप बड़े ध्यानी थे
मुनि मायाराम जी को वन्दन नमन मेरा
त्याग तप संयम की अजब कहानी थे

Read Full Post »

विदेशी वस्तुओं की होली आपने जलाई बापू
हमको विदेशी माल सबसे ही प्यारा है
चरखा भी भारत में घायल सा दीखता है
खादी हुई नेताओं के वोट का सहारा है
अंग्रेजी अंग्रेजी हर ओर अंग्रेजी
हिन्दी से तो कर लिया हमने किनारा है
गोडसे की गोली से मरा था गांधी का शरीर
गांधीवादियों ने गांधी आत्मा को मारा है

Read Full Post »

गोकुल में गोपाल बरसाने नन्दलाल
वृन्दावन में तो आप रास बिहारी हैं
ग्वालों संग वन वन गाय को चराने वाले
प्रभु दीनानाथ मेरे आप बनवारी हैं
कंस पूतना का वध काली सिर नृत्य किया
लीलायें रचाने वाले आप लीलाधारी हैं
महाभारत का युद्ध भूमि हुई लाल लाल
जन जन बोल उठा आप अवतारी हैं

Read Full Post »

कृष्णा

कान्हा तेरी बांसुरी ने किया है कमाल ऐसा
झूमते हैं नर नार झूमती है गैया
गोप-गोपियों के संग नाचत है लाल जब
मात यशोदा भी लेत उनकी बलैया
घर घर घूम घूम माखन चुराने वाला
बोल रहा है चोरी नही की है मेरी मैया
सारा ब्रज मण्डल भी झूम झूम बोलता है
धन धन धन धन दाऊ जी के भैया

Read Full Post »

जेल में जन्म लिया ताले सब खुल गये
द्वारपाल निद्रा विलाप करने लगे
बारिश तूफान वेग बढता ही जा रहा था
पानी में उतर वासुदेव डरने लगे
पांव छू के जमना ने रास्ता बनाया और
शेषनाग छाता बन साथ चलने लगे
नन्द के महल लाल छोड वासुदेव गये
यशोदा की गोद में हरि मचलने लगे

Read Full Post »

Next »