दीवाली
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
राम अगर घर आएं दीवाली होती है
सब जब दीप जलाएं दीवाली होती है
मिलजुल कर सब प्रेम-प्यार से साथ रहें
चेहरे जब मुस्काएं दीवाली होती है
राम जी का नाम लेना तो अच्छा है
काम अगर अपनाएं दीवाली होती है
केवट से जब राम मिले तो ये बोले
वनवासी मिल जाएं दीवाली होती है
छप्पर वाले कोटि-कोटि जननायक का
मन्दिर भव्य बनाएं दीवाली होती है
दिल्ली के आसन पर चिंतित मोहन जी
मैडम जब मुस्काएं दीवाली होती है
लाल बुझक्कड़ सत्तामद में ऐंठे हैं
बिन कुर्सी इतराएं दीवाली होती है