नव संवत
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
नव संवत और नव उंमग
चहुं ओर उड रहा आज रंग
आतंकवाद से सभी तंग
दुनिया का बदलें रंग ढंग
समाप्त करे जेहाद जंग
संकल्प जगे कुछ अंतरंग
नव खुशियाँ और नवतरंग
इस साल उडे कुछ यूं पंतग
मुख पृष्ठ | परिचय | चित्र-दीर्घा | पुस्तकें | आडियो-विडियो | अपने मित्र को बताएं | अपनों की नज़र में | प्रेस | सम्पर्क | My Blog
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
नव संवत और नव उंमग
चहुं ओर उड रहा आज रंग
आतंकवाद से सभी तंग
दुनिया का बदलें रंग ढंग
समाप्त करे जेहाद जंग
संकल्प जगे कुछ अंतरंग
नव खुशियाँ और नवतरंग
इस साल उडे कुछ यूं पंतग