प्रवासी
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
पाने को तूं सब कुछ पा
‘औ’ परदेशी घर तो आ
डालर बेशक कुछ भी है
अम्मा आखिर है अम्मा
पिज्जा बर्गर मे खोया
अपने घर की रोटी खा
पनघट तुझको खोज रहा
आकर अपनी प्यास बुझा
गाँव की मिटी लाया हूँ
अपने संग मे लेता जा
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
पाने को तूं सब कुछ पा
‘औ’ परदेशी घर तो आ
डालर बेशक कुछ भी है
अम्मा आखिर है अम्मा
पिज्जा बर्गर मे खोया
अपने घर की रोटी खा
पनघट तुझको खोज रहा
आकर अपनी प्यास बुझा
गाँव की मिटी लाया हूँ
अपने संग मे लेता जा