रिश्ते
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
जब तक कोई बात ना हो
रिश्तों की शुरूआत ना हो
प्यार नही कुछ ओर है वो
जब तक दिल का साथ ना हो
वो जीवन भी क्या जीवन
जिसमें शह और मात ना हो
क्या कोई दिन ऐसा है
जिसकी कोई रात ना हो
रिश्ते जिन्दा रहते है
यदि भीतर से घात ना हो