ओशो
Jun 12th, 2007 by Rajesh Chetan
थे ज्ञानी विज्ञानी ओशो
ज्यूं कबीर की बानी ओशो
इस पथराई मानवता में
आये बनकर पानी ओशो
जिसने भी आँखों में झांका
उसकी बने कहानी ओशो
गीता वेद पुराण उपनिषद
गाते फिरे जुबानी ओशो
समझौतों की राह न पकड़ी
निकले स्वाभिमानी ओशो
उनका सानी कोई नहीं था
थे अपने ही सानी ओशो
अच्छी कविता है ।
बहुत अच्छा लगा