हड़ताल
Jan 29th, 2008 by Rajesh Chetan
घर को आग लगाते हो
और नहीं शर्माते हो
ये हड़तालें, आगजनी
ग़लत राह क्यों जाते हो
भूखा है मज़दूर अगर
क्या उद्योग चलाते हो
कर बिजली, पानी चोरी
अपने महल बनाते हो
अधिकारों की ही चिंता
अच्छा फ़्रर्ज़ निभाते हो
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Jan 29th, 2008 by Rajesh Chetan
घर को आग लगाते हो
और नहीं शर्माते हो
ये हड़तालें, आगजनी
ग़लत राह क्यों जाते हो
भूखा है मज़दूर अगर
क्या उद्योग चलाते हो
कर बिजली, पानी चोरी
अपने महल बनाते हो
अधिकारों की ही चिंता
अच्छा फ़्रर्ज़ निभाते हो