Posted in गीत on May 4th, 2008 No Comments »
ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्व भर में भारती की ये अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरन्तर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा दिल की धड़कन ये हमारी जान है
ये तिरंगा विश्व का सबसे बडा जनतन्त्र है
ये तिरंगा वीरता का गूँजता इक मन्त्र है
ये तिरंगा […]
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Posted in गीत on May 4th, 2008 1 Comment »
मात-पिता की आज्ञा का तो केवल एक बहाना था।
मातृभूमि की रक्षा करने प्रभु को वन में जाना था॥
पिता आपके राजा दशरथ मॉं कौशल्या रानी थी
कैकई और मंथरा की भी अपनी अलग कहानी थी
भरत शत्रुध्न रहे बिलखते लखन ने दी कुरबानी थी
नई कथा लिखने की प्रभु ने अपने मन में ठानी थी
सिंहासन है गौण प्रभु ने […]
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Posted in गीत on May 3rd, 2008 1 Comment »
सेवाधर्म भावना है अग्रसैन जी
लक्ष्मी की कामना है अग्रसैन जी
राष्ट्र प्रेम वरदान अग्रसैन जी
अग्रवंश की है शान अग्रसैन जी
जो भी अग्रसैन जी के गुण गायेगा
जग में अमर नाम कर जायेगा ॥1॥
अग्रसैन जी हमारे स्वाभिमान हैं
अग्रसैन जी हमारी पहचान है
समाजवाद की तो आप आवाज है
अग्रवंश के महान सरताज है
सेवाभाव जीवन में जो भी लायेगा
जग में अमर […]
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Posted in गीत on May 2nd, 2008 No Comments »
कन्या ना किसी का धन होता हैं ये तो बस एक तराना है
अब समय आ गया विदा करो इसको साजन घर जाना हैं
अब आज से ये घर दूजा है अब साजन घर ही घर होगा
तूं नाम पिता का रोशन कर सुख से ये पार सफर होगा ॥
जब माँ तुझको जन्म दिया तो माँ की आँख […]
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Posted in गीत on May 1st, 2008 No Comments »
ये ओशो गगन है गगन देखिये
ये ओशो चमन है चमन देखिये
है ओशो दीवानी ये दुनिया तेरी
ये ओशो वतन है वतन देखिये
ये है मुरथल धरा ओशो का गीत है
गूंजता है सदा ओशो संगीत है
ध्यान की हर घड़ी होती चर्चा यहाँ
होती वेद पुराणों की अर्चा यहाँ
झूमती है पवन मेघ का गान है
ये ओशो त्रिविर का ही वरदान […]
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