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Archive for August, 2007

दूर देश में बहना का मन रोता है
यादों में भाई अपने को खोता है
डाक से जिस दिन बहना की राखी आये
रक्षाबन्धन पर्व उसी दिन होता है

रक्षाबन्धन ये संदेशा लाया है
पापी दुश्मन सीमा पर गुर्राया है
सीमाओं की रक्षा करने का व्रत लो
भारत माता ने फिर हमें बुलाया है

रक्षाबन्धन पर्व बड़ा ही अच्छा है
ये रेशम का धागा कितना […]

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माटी अपनी है चन्दन
अमर शहीदों को वन्दन
राष्ट्र जगाने वालों को
शत शत मेरा अभिनन्दन

भगत सिंह बलिदानी से
गांधी जी की वाणी से
भारत यूं आजाद हुआ
वीरों की कुरबानी से

गुलामी का सूरज अस्त
अंग़्रेजों को किया था पस्त
अमर तिरंग़ा बोल रहा
मंगलमय हो पन्द्रह अगस्त

आजाद गगन को नमन
आजाद चमन को नमन
साठ वर्ष के स्वाधीन
प्यारे वतन को नमन

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महाभारत युद्ध रचाने को
कंस का राज हटाने को
जन्माष्टमी जन्म लिया
राक्षसी आतंक मिटाने को

बृज की माटी है चन्दन
कृष्ण कन्हैया को वन्दन
लीलाधर के आने पर
जन्माष्टमी अभिनन्दन

रास रचाने वाला जी
गाय चराने वाला जी
महाभारत के बीच खड़ा
गीता गाने वाला जी

मोहन सबसे न्यारे हैं
कृष्ण कन्हैया कारे हैं
जन्माष्टमी जन्म लिया
लगते सबसे प्यारे हैं

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