दीपावली
Posted in ग्रीटिंग कार्डस् on Oct 30th, 2007 No Comments »
दैन्य दुःखों का क्षण क्षण क्षय हो
यश वैभव हो धैर्य विनय हो
आंगन आंगन हो उजियारा
दीप पर्व शुभ मंगलमय हो
अक्षरधाम आतंकियों से जूझता
संसद भवन गोलियों से गूंजता
घोर अत्याचार बढ़ता जा रहा
कवि हृदय को क्रोध क्यों नही आ रहा
दीप अंधियारों से पूछे रास्ता
इनको भारत से भला क्या वास्ता
क्या समुद्र प्रार्थना को जानता
रावण रण के बिना क्या मानता
राघव […]