बुध्द
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
तालिबान में
बुध्द की प्रतिमायें तोडने वालों
अल्लाह तुम्हे माफ करे
मिटा सकते हो तो मिटाओ
कोटी कोटी ह्रदयों में बसने वाले
उस बुध्द को
पत्थरों पर
बहादुरी दिखाने वालो
कायरों !
तुम्हारी कायरता ने
किया है करोडो ह्रदयों को घायल
कौन से धर्म का
परचम फहराना चाहते हो तुम
तुम्हारे अज्ञान ने
अपमानित किया है धर्म
धर्म का आवरण छोडें
ज्ञान से अपने को जोडें
बुध्द की शरण में जायें
बुध्द हो जायें
बुध्दम शरणम गच्छामी ।