विवेकानन्द
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
हिन्दु दर्शन का पावन झण्डा
दुनिया में फहराया था
राम कृष्ण परमहंस को
अपना गुरु बनाया था
दीन दुखी भारतवासी पर
अपना प्यार लुटाया था
सेवा को ही मिशन बनाकर
सबको गले लगाया था
विश्व पटल पर भारत भू की
जिसने धूम मचाई थी
भारत माँ के इस बेटे ने
माँ की लाज बचाई थी ।