धर्म निरपेक्षता
Posted in कविताएँ on May 30th, 2007 1 Comment »
धोती बांधने के आग्रह पर
केरल के मंदिर में
नेहरू जी द्वारा
आग बबूला हो जाना
और निज़ामुद्दीन की दरगाह पर
प्रसन्नता पूर्वक टोपी लगाना
इसी का नाम है
धर्मनिरपेक्षता निभाना
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Posted in कविताएँ on May 30th, 2007 1 Comment »
धोती बांधने के आग्रह पर
केरल के मंदिर में
नेहरू जी द्वारा
आग बबूला हो जाना
और निज़ामुद्दीन की दरगाह पर
प्रसन्नता पूर्वक टोपी लगाना
इसी का नाम है
धर्मनिरपेक्षता निभाना
Posted in कविताएँ on May 25th, 2007 2 Comments »
हिन्दु मुस्लिम सिक्ख ईसाई
एक ट्रक पर सवार
कर रहे थे तिरंगे झण्डे पर विचार
हिन्दु ने कहा -
हम हैं गाँधी के बेटे लायक
अहिंसा के नायक
वन्देमातरम् के गायक
छोड़ चुके हैं केसर की घाटी
क्योंकि हमको प्यारी है भारत की माटी
हम हैं भारत पर कुरबान
इसलिये ये रंग केसरिया हमारी शान।
मुस्लिम ने कहा -
हरा यानी हरियाली
हरियाली है तो खुशहाली
खुशहाली है तो […]