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आरुषि

नगर नोएड़ा लगता कुछ घबराया है
एक पिता ने रिश्ता नहीं निभाया है
निठारी को नहीं भूला हम पाये थे
आरुषि ने फिर से हमें रुलाया है
  images.jpg

वक्त के तेवर पी एम जी पहचान गये
साम्यवादियों को भी थोड़ा जान गये
परमाणु मुद्दा सुलझाने को मोहन जी
वाजपेयी को भीष्म पितामह मान गये

बजट

लोकसभा में खूब बजे हैं बाजे जी
सत्ता वाले मिलजुलकर हैं नाचे जी
वित्त मंत्री खूब पिटारा खोला है
चुनाव हमारे लगता है दरवाजे जी

नया विधेयक परिसीमन का आया है
नव खुशियाँ और नया सवेरा लाया है
दशकों से जो कुर्सी को हैं तोड़ रहें
चेहरा उनका लगता कुछ मुरझाया ह

वैद्य मौत का यार हमारे भारत में
कैसा है व्यापार हमारे भारत में
पुलिस के सम्मुख किडनी बेच गया देखो
डाक्टर सीमा पार हमारे भारत में
  images.jpg
हलाल स्ट्रीट हाथ लगा और शेयर देखो फिसल गए
अम्बानी जी सबसे आगे निकल गए
आम आदमी जब भी गया दलाल स्ट्रीट
शेयर बनकर शेर उसे ही निगल गए
माया जी का जन्मदिन खूब मचा तूफान
बसपा वाले कर रहे बहना का सम्मान
बहना का सम्मान केक काटा है भारी
नोट चढ़ाओ खूब मची है मारामारी
कह चेतन कविराय राज की देखो छाया
मुलायम भी रटते हैं अब माया माया
मायावती

बकनर

बकनर पहले थे बड़े ही गोल्ड बकनर
उम्र से हो गए अब ओल्ड बकनर
ईमान की बालिंग नहीं झेल पाए
इंडिया टीम से हुए बोल्ड बकनर

दौ हजार सात में कांग्रेस की हार
दौ हजार आठ में सोनिया जी बीमार
भाजपा ने कर दिया है भगवा अलर्ट
दिल्ली में आ रही है अडवाणी की सरकार

मुशर्रफ की मेहरबानी हो गई
लोकशाही बेजुबानी हो गई
आतंक की गोली चली और देखिये
बेगम भुट्टो खुद कहानी हो गई
images1.jpg

2007

कलाम का जाना खटका
मायावती के चक्कर में पुनः
यू॰ पी॰ भटका
ऐश अभिषेक की शादी
डेरा सच्चा सौदा की बर्बादी
नन्दी गांव में तनाव
राम सेतु तोड़ने का प्रस्ताव
दिल्ली निगम में भाजपा का राज
गुजरात में मोदी जी का काज
20-20 में भारत की जीत
और पाकिस्तान को मिली
टेस्ट श्रंखला की हार
2007 को सादर नमस्कार

9183.jpg विद्या का ये मंदिर लहूलुहान है
बच्चे-बच्चे में हिंसा की तान है
कृष्ण सुदामा को गुरुकुल में मार रहा
स्वर्गलोक में बापू भी हैरान है

अडवाणी

नहीं कोई अब जिन्ना से प्यार है
ना ही कोई संघ से तकरार है
अडवाणी जी बैठें पी एम कुर्सी पर
अब ये राजग को भी स्वीकार है।
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नयन हाला मधुशाला की मदिरा भी शर्माएगी
बाला जब-जब हाला लेकर आएगी
बाला के नयनों की हाला के आगे
मदिरा तो पानी-पानी हो जाएगी

आस्था

कुतुब के रास्ते से मैट्रो को हटाना जरूरी है
ताजमहल को धुंए से बचाना जरूरी है
रामसेतु भी है जन-जन की आस्था
फिर क्यों उस आस्था को मिटाना जरूरी है

मनमोहन जी ने कहा राहुल हैं युवराज
कांग्रेस और देश का भला करेंगे काज
भला करेंगे काज बोलना सीख रहे हैं
संसद में भी थोड़ा थोड़ा दीख रहे हैं
कह चेतन कविराय आरती, वन्दन गाओ
आने वाले पी॰ एम॰ जी को शीश झुकाओ

कुर्सी बड़ी महान देखिये मियां जी
देश बड़ा परेशान देखिये मियां जी
आपातकाल में सांस नहीं ले पाओगे
खतरे में है जान देखिये मियां जी

पत्नी ने भी कैसा धर्म निभाया है
साल साल भर हमको खूब रुलाया है
करवा चौथ को एक दिन पूजा होती
हमको उल्लू उसने खूब बनाया है

दशहरा

संतों का सम्मान दशहरा होता है
दुष्टों का अपमान दशहरा होता है
राम द्रोहियों को फांसी पर लटकाओ
धर्म विजय अभियान दशहरा होता है।

नेताओं में छल ही छल है दिल्ली में
बस वालों में पूरा बल है दिल्ली में
ब्लू लाईन को रोक नहीं सकता कोई
केवल मौत ही इसका हल है दिल्ली में

प्याज

सिंहासन और प्याज का गहरा है सम्बन्ध
कुर्सी आई और गई अद्भुद इसकी गंध
अद्भुद इसकी गंध कांग्रेस डोल रही है
शीला आंटी मुख से कुछ ना बोल रही है
कह चेतन कविराय प्याज लगता है भारी
देखें किसके हाथ में होगी दिल्ली प्यारी

सारे जग में ऊँची शान
क्या कर लेगा पाकिस्तान
सारी दुनिया मान गई
विश्व विजेता हिन्दुस्तान

पावन धवल चरित्र हमारी दिल्ली में
पुलिस बनी है मित्र हमारी दिल्ली में
भर्ती होने से पहले ही दिखा दिया
अपना नंगा चित्र हमारी दिल्ली में

दिल्ली आसन पर जमे हैं राहु केतु
राम का ये भक्त है बस वोट हेतु
राजनीति में उलझ कर रह गया है
क्या बचेगा राम सेतु राम सेतु

मल्होत्रा अशोक ने कैसा किया कमाल
चाय चक्कर में हुआ देखो मालामाल
देखो मालामाल हुई नेता से यारी
विधानसभा में खूब चलाई ठेकेदारी
कह चेतन कविराय धन्य है सी बी आई
पता लगेगा किस किसने है रिश्वत खाई

महिलाओं की पूजा करता यूपीए
प्रतिभा पाटिल पर है मरता यूपीए
केवल चाटूकार पसन्द हैं मैडम को
किरण बेदी जी से डरता यूपीए

हिन्दी

हिन्दी अब तो अमरीका में जायेगी
हिन्दी से हिन्दा बनकर के आयेगी
अमरीका से लौटी अपनी हिन्दी माँ
भारत में फिर कुछ तो इज्जत पायेगी

शीला जी को कुर्सी से ही प्यार है
ब्लू लाईन का चहुंओर चीत्कार है
मौत के सौदागर सड़कों पर नाच रहे
निद्रा में क्यू दिल्ली की सरकार है

आतंकी साजिशें जंजाल हो गई
पाकिस्तानी जनता बेहाल हो गई
मुशर्रफ जी शांति का ढोल पीटते
लाल मस्जिद खून से लाल हो गई

शेखावत

रायसीना हिल्स की प्यारे अलग छटा है अलग है वादी
यू पी ए और एन डी ए की टूट गई चुनावी शादी
शेखावत तो निश्चित होगा राष्ट्रपति हो या पत्नी हो
एक ओर शेखावत दादा दूजी ओर शेखावत दादी

विश्वविद्यालय एडमिशन क्या कहना
भटक रहा है तन और मन क्या कहना
लगता है पैरिस ही उत्तरा दिल्ली में
चहुंओर है फन ही फन क्या कहना

राजस्थान में है मचा देखो क्या हुडदंग
गुर्जर मीणा में छिड़ी बड़े जोर की जंग
बड़े जोर की जंग बसुन्धरा दूर खड़ी है
राजमार्गों पर भी मित्रों जंग छिड़ी है
कह चेतन कविराय आरक्षण बंद कीजिये
खुशहाली के मार्ग का प्रबन्ध कीजिये

मनमोहन सरकार का बीता तीजा वर्ष
कांग्रेस में अब है नहीं देखो कोई हर्ष
देखो कोई हर्ष महंगाई बढ़ती जाती
हर चुनाव में मात सोनिया मुँह की खाती
कह चेतन कविराय करो ना जनता दोहन
फिर से ना आ पाओगे तुम प्यारे मोहन

मेघालय

हरे हरे पर्वत के ऊपर गुफा दीखती है सुंदर
गोहाटी में गोरा माँ है, मेघालय में शिवशंकर
गौमाता के थन से निकली बूंद बूंद ये कहती है
एकलव्य की भूमि का पावन है कंकर कंकर

नकल असल का बोल रहे ये पंगा है
गुरूओं की भूमि पर फैला दंगा है
सच्चा सौदा झुकने को तैयार नही
आग लगाने का ये कैसा धंधा है

गोहाटी

आग लगी है पूर्वोत्तर की घाटी में
धर्मों के षडयंत्र हमारी माटी में
ब्रह्मपुत्र के बेटों निद्रा को छोडो
बांग्लादेशी है अपनी गोहाटी में ।

तीन-बी

तीन बी जब मिल गये ब्राह्मण बसपा बहन
यू॰ पी॰ में फिर हो गया बाकी सबका दहन
बाकी सबका दहन भले हो राहुल गांधी
बच्चन से भी नहीं चली वोटों की आंधी
कल्याण सिंह भी राम नाम को जाप रहे है
अमर मुलायम माया जी से कांप रहे है

शिल्पा

बालीवुड से हालीवुड की गली गई
सुंदर बाला शिल्पा अपनी छली गई
एडस रोकने को लाई थी गेरे को
एडस फैला कर दिल्ली से क्यों चली गई

यू॰ पी॰ में ही फिर से आना बच्चन जी
अमर सिंह का साथ निभाना बच्चन जी
निठारी के बच्चें लेकिन कहते हैं
मुलायम को संग में लाना बच्चन जी

ऐश्वर्य अभिषेक जहाँ जहाँ भी जायेंगे
टी॰ वी॰ चैनल अपना धर्म निभायेंगे
जूते चप्पल पड़ते हैं तो पड़ जायें,
हनीमून की तस्वीरें भी लायेंगे

अपनी कॉपी खुद ही अब तो जांच रहे हैं राहुल जी
निज पुरखों की गरिमा को ही बांच रहे हैं राहुल जी
अटल बिहारी के शासन में रोड़ बने जो भारत में
अब उन पर क्यूं झूम झूम कर नाच रहे हैं राहुल जी

हर दिन कोई राह खोजते दादा बी
पंडों के घर रोज दौडते दादा बी
ऐश की डोली जब तक घर पर ना आई
मंदिर मंदिर हाथ जोडते दादा बी

सांसद भी अब हो गये बड़े कबूतरबाज
संकट में है भाजपा बंद हुई आवाज़
बंद हुई आवाज़ चढ़ा नेता का पारा
बुरे फंसे है नेता अपने श्री कटारा
रोज रोज ही संसद में घोटाला होगा
लोकतन्त्र का चेहरा सचमुच काला होगा॥

चालान

दिल्ली पुलिस होशियार हैं कटते अब चालान
एक डन्डे से हांकते सबको एक समान
सबको एक समान दुःखी हैं छोरा छोरी
शीशे हो गये साफ हो कैसे जोरा जोरी
कह चेतन कविराय मोबाईल सुनना भारी
कामनवेल्थ खेल की लगता है तैयारी

एम॰ सी॰ डी॰ में आ गई भाजप की सरकार
कांग्रेस के सिर पर पड़ी तोड़ फोड़ की मार
तोड़ फोड़ की मार खुराना मुंह लटकाये
हाथी की भी चाल देखकर सब घबराये
कह चेतन कविराय शेर भी लगते बिल्ली
हार गये सब नेता जीती अपनी दिल्ली

चैपल ने
सचिन को बाउंसर मारा और
सचिन ने पलटकर, चौका
चैपल आउट
वर्ल्ड कप से आउट टीम
की शब्द बोछार पर कह सकता हूँ
खेल में सदभावना की गन्ध हो
कोक पेप्सी के विज्ञापन बन्द हो
देश में सब खेल तब ही आ सकेंगें
क्रिकेट पर दस साल का प्रतिबन्ध हो ।

निगम चुनाव के
कारण भाईचारा बढ रहा है,
जो नेता कभी
राम राम भी नहीं करता था
आजकल पांव में
पड रहा है।
कल ही मेरा पडोसी नेता
राम लुभाया
घर आकर बोला क्यूं चेतन भाया
बटन देखकर दबाना और
इस चुनाव में हमको ही जिताना।
मैने कहा - नेता जी
आ रही है पांच अप्रैल की प्रभात
ठीक है आपकी बात परन्तु
क्या इसके बाद भी होगी
आपसे मुलाकात।
मेरे जवाब पर
राम लुभाया परेशान है
क्योंकि सिर्फ पांच अप्रैल
तक ही वोटर उसका
भगवान है॥

आजकल राजा पेट से नहीं
पेटी से बनता है और अब तो
पेटी भी गई आई है और
राजा चुनने के लिये
हमने वोटिंग मशीन बनाई हैं।
चुनाव के अंतिम दौर में
वोटिंग मशीन के लिये
कसरत जारी है तथा
साम, दाम, दण्ड, भेद
सर्वनीति अपनाना
हर प्रत्याशी की लाचारी है।
इस चुनाव से
सामाजिक टूटन बढ़ रही हैं
गुण्डों में मस्ती चढ़ रही हैं
जातिवाद मुंह खोले खडा है और
लोकतन्त्र किसी कोने में पडा है।
ये सब देखकर
आम वोटर परेशान है
आखिर ये कैसी
लोकतन्त्र की दुकान है॥

दिल्ली की बडी सी
कालोनी में
छोटा सा झुग्गी कबीला
कबीले में चलती है
रोज वोट लीला
कबीले के छुटभैय्या
नेता के संग
हर पार्टी का
प्रत्याशी आता है और
मदिरा, साईकिल तथा सिलाई मशीन के
लालच दिखाता है
परन्तु कबीले के छुटभैय्या नेता
का बडा ताव है और
हर प्रत्याशी के लिये उसका
अलग अलग भाव है
ये लोकतन्त्र नहीं
व्यापार तन्त्र है और
जिस पार्षद की जेब भारी होगी
उसके पास ही
पार्षद बनने का मन्त्र है

जब से भारत
वर्ल्ड कप क्रिकेट से
बाहर आया है
निगम चुनाव में
उत्साह छाया है
क्रिकेट का बुखार
चुनाव अभियान में
कांटे बो रहा था
रात भर क्रिकेट में
डूबा पार्टी कार्यकर्ता
प्रातः चुनाव अभियान के
समय सो रहा था
लगता है निगम उम्मीद्वारों ने ही
मिलकर जोर लगाया है और
भारत को वर्ल्ड कप में हराया है
वर्ल्ड कप तो गया अब
निगम कप का अभियान जारी है
आओ देखें इस बार
किसकी बारी है

कांग्रेस के अजय माकन का
दिल्ली मास्टर प्लान
दिल्ली का हर नागरिक चलेगा अब
सीना तान
ना सिलिंग
ना बुलडोज़र
खुशहाली ही खुशहाली
सब मिलकर बजाओ ताली
अब रोज ही होगी दिवाली पर
इतना रखना ध्यान
हे ! वोटर कृपानिधान
दिल्ली निगम चुनाव में
हाथ का बटन ही दबाना
और एम॰ सी॰ डी॰ में
कांग्रेस को ही लाना
भला हो भगवान
बटन दबाने से ही पूर्व
खुल गई पोल
और कांग्रेसी नेता को अब
सिक्कों से नहीं
वाणी से तोल
ये मास्टर प्लान नहीं
वोट प्लान था
अजय माकन हो या जगमोहन
जनता पर तो हर नेता ने तलवार चलाई हैं
इधर गिरे तो कुआं उधर गिरे तो खाई है
तो हे वोटर
संभल कर बटन दबाओ
और किसी भी नारे के
चक्कर में ना आओ
क्योंकि ये सब प्लान
धोखा है
और 5 अप्रैल ही आपके पास
आखिरी मौका है

विभीषण

चुनावी दंगल में खूब
मजा आ रहा है
कांग्रेस का कार्यकर्ता
भाजपा के नारे लगा रहा है
भाजपा वाला परेशान है
दिल में खुराना और
चेहरे पर कमल की मुस्कान है
कुछ तथाकथित नेता तो
कर रहे है कमाल
नाश्ता के समय बसपा और
दोपहर भोजन के समय
सपा से कदम ताल
सन्धया समय चौटाला और
रात्रि में शरद पवार के गले में माला
कुल मिलाकर हर दल में
विभीषण है अतः
निगम चुनावी रण भीषण है

दिल्ली निगम चुनाव में
कमल कुछ मुस्कुरा रहा है
हाथ घबरा रहा है
हाथी पगलाया है और
खुराना ने चौटाला का
ऐनक लगाया है
मुलायम की साईकिल रफ्तार मंद है तथा
शरद पवार की घडी बन्द है
निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं और
सब एक दूजे को यूं बोल रहे हैं
प्राणों से भी प्यारा है
दिल्ली निगम हमारा है
खटका जरा दबा देना
गूंज रहा ये नारा है

नवरात्र के कारण
चुनाव प्रचार चल रहा है
फीका – फीका
किसी भी दल के किसी कार्यकर्ता में
कोई उत्साह नहीं दीखा
अब दुर्गा अष्टमी के बाद
चुनावी भैरूं की बारी है तथा
मदिरा का प्रसाद चढाना
लोकतन्त्र में
हर प्रत्याशी की
लाचारी है
प्रसाद चढाओ या
करो पूजा
लेकिन
जब तक वोटर देवता नहीं पसीजा
परिश्रम बेकार है आओ देखें
इस बार
दिल्ली नगर निगम में
किसकी सरकार है।

पार्षद

परीक्षा में सवाल पूछा
पार्षद के लिये योग्यता बताओ
दिल्ली के विद्यार्थी ने लिखा
लोकतन्त्र की मजबूरी है अतः
पार्षद बनने के लिये
बडे नेता का बेटा, पत्नी,
सचिव या चमचा होना
बहुत जरूरी है,
बालक के इस जवाब पर कह सकता हूँ
निगम पार्षद नोट कमाता
एम॰ एल॰ ए॰ विश्वास गवाता
सांसद अपना शर्मिन्दा है
लोकतन्त्र फिर भी जिन्दा है।

दिल्ली के निगम चुनाव का
सेमीफाइनल यानी टिकटों का वितरण
वित्त का रण ही रहा
कम शब्दों में
वित्त कि जीत
विचार की हार, चाहे
विपक्ष हो या सरकार
आम कार्यकर्ता यानी ग्रासरुटर
दरी बिछाता रहा और
पैराशूटर अपने आकाओं का
आशीर्वाद पाता रहा
इस दृश्य पर यही कह सकता हूँ
भ्रष्टाचारी बेल हमारी दिल्ली में
चोर चोर का मेल हमारी दिल्ली में
भूमाफ़िया नेता के संग मिल बैठा
सता का ये खेल हमारी दिल्ली में ।

क्रिकेट
उन देशों में छाया है
जहाँ अंग्रेजो ने डन्डा बजाया है
अमरीका, चीन जापान
कहीं नही गूंजती क्रिकेट की तान
ये सब खेल जगत के हीरो हैं
पर हम क्रिकेट को छोड
सब खेलो में जीरो हैं
वर्ल्ड कप के युद्ध पर
यही कह सकता हूँ -
ये कैसा त्यौहार हमारे भारत में
कैसी मारामार हमारे भारत में
सब खेलों को लील गया क्रिकेट बल्ला
क्रिकेट का बुखार हमारे भारत में ।

होली के दिन
झारखंड में
हिंसा का ताण्डव
देखकर लगता है
नक्सलवाद की जड़
भारत में गहरी है
और उसके सामने
लोकतांत्रिक सरकार बहरी है
सांसद सुनील महतो की
हत्या पर यहीं कह सकता हूं
आतंकी सरकार साथियों भारत में
कदम कदम पर हार साथियों भारत में
सांसद महतो की हत्या पर सब चुप हैं
ये कैसा त्यौहार साथियों भारत में ।

दिल्ली में आजकल
बसन्त उत्सव नही अपितु
टिकटोत्सव की बहार है और
पार्क के बजाय
हर नेता के दरवाजे
लम्बी लम्बी कतार है
टिकट प्रेमियों के हाथ
फूल-पत्र नही
बायोडाटा प्रोफाईल है और
हर टिकटार्थी
स्वयंभू सन्त वेलेंटाइन है
एक सन्त ने दूजे से कहा
हर दिन उपकार करता हूँ
जनता से प्यार करता हूँ
टिकट जो मिल जाये तो
हर वादा स्वीकार करता हूँ ॥

तीसरी शताब्दी के
सन्त वेलेंटाइन
प्रेम के लिये शहीद हो गये
सन्त ने कहा कि
प्यार कर और भारत में भी
पाँच हजार साल पूर्व श्री कृष्ण ने कहा
प्यार कर अतः
कृष्ण के देश को
सन्त वेलेंटाइन से कैसा डर
परन्तु भारत में
वेलेंटाइन डे के नाम पर जो
तथाकथित प्रदर्शन होता है
उसके लिये यहीं कह सकता हूँ
प्रेमी जोडा पार्क में और
मौसम फाईन
बोल रहे हैं एक दूजे को
वेलेंटाइन वेलेंटाइन ।

पाकिस्तानी आतंकवादी का
बांग्लादेश के रास्ते
दिल्ली आना तथा
वारदात करने से पूर्व पकडा जाना
दिल्ली में आतंकियों की मनमानी हैं
लगता है दिल्ली भारत की नहीं
आतंक की राजधानी है ।
संसद हो या
मिन्टो रोड
दिन हो या रात
पुलिस करती रही
आतंकियो से दो-दो हाथ
पुलिस को बधाई ।
भारत में किन्नर समुदाय भी
अपना राष्ट्रधर्म निभाता है
तथा अपने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में
पाकिस्तान को छोड
सभी पडोसी देशों
को बुलाता है ।
समय आ गया
हमारे नेतागण भी
अपना राष्ट्रधर्म जानें तथा
दोस्त को दोस्त व
दुश्मन को दुश्मन मानें ।

कोरस

लंदन में
शिल्पा को
तंग करने का बदला
रतन टाटा ने लिया तथा
कोरस की नीलामी पर
अंग्रेजो को घायल किया
भारत की इस जीत पर
कह सकता हूँ
दुनिया भर में फैल गया सन्नाटा है
हर दादा के मुँह पर अपना चाटा है
लंदन की गलियों में अब ये गूंज रहा
कोरस का मालिक भारत का टाटा है।

गणतन्त्र या रिपब्लिक
प्रजातन्त्र या लोकतन्त्र
मतलब साफ है,
अब राजाओं का नही
जनता का राज है, परन्तु
जनता का अपने ही तन्त्र पर
क्रोध बढ़ता जा रहा है और
मतदान का प्रतिशत
लगातार घटता जा रहा है।
जाति धर्म को नही
देश को करें मतदान, और
सब मिलकर कहें
हमारा गण्तन्त्र महान।

यू॰के में
बिग ब्रदर शो मे
भाईचारा नही अपितु
घृणा का बोलबाला है
अत: रंगभेदी टिप्पणी के
कारण घायल अपनी
शिल्पा बाला है
वास्तव में
भारत ही है दुनिया का
बिग ब्रदर
अत: गांधी के भारत को
इन छोटी मानसिकता वालों से
कैसा डर
शिल्पा को ये ही सुझाव है –
आंसू नही बहाने होंगे
गीत प्यार के गाने होंगे
ये जो हम से घृणा करते
भारत के दीवाने होंगे ।

असम

उल्फा द्वारा
असम के
हिन्दी भाषियों पर हमला , मतलब
राष्ट्र की एकता अखंडता पर प्रहार
राष्ट्र भाषा का बहिष्कार
व लोकतंत्र का तिरस्कार है
काश आज सरदार के बजाय होते
सरदार पटेल, तो नही चलता
ये आंतकियों का खेल
केंद्र व असम की सरकार जागे
और देखें कि हिन्दी भाषी
असम से न भागें ।
राष्ट्र की एकता अखंडता का
ढोल पीटने वाले नेता
मौन हैं
आखिर उल्फा के पीछे
कौन हैं ?

हिन्दी सिनेमा के
महानायक को
उत्तरप्रदेश की तरक्की
इतनी प्यारी है कि
अब अगला जन्म भी
यू॰ पी॰ में लेने की तैयारी है
कामना अच्छी है
सच्ची है परन्तु
निठारी काण्ड देखकर भी यदि
आपका है ये विचार
तो हमें लगता है
आपको यू॰ पी॰ के बजाय
मुलायम और अमर सिंह
से ही है प्यार
अमिताभ जी !
हो सके तो
इस जन्म में
एक बार निठारी आओ
तथा मासूम बच्चो की वेदना पर
एक फिल्म बनाओ
ये फिल्म जब दिखाई जायेगी तो
मासूम बच्चो की आत्मा
आपका गुण गायेगी
विज्ञापन को छोड़ अनुशासन में आओ
स्वार्थ छोड़ मानव धर्म निभाओ
यदि आपने मेरा
ये प्रस्ताव किया स्वीकार
तो सारे भारत में होगी
आपकी जयजयकार।

नववर्ष

नटवर का तेल
शिबु सोरेन को जेल
अफजल से डिलिंग
दिल्ली में सिलिंग
प्रिंस का होल
खुराना जी के बोल
अभिषेक का यशभारती और
ऐश्वर्य की आरती
राखी जैसी मिस
मिक्का जैसा किस
मुंबई के विस्फोट और
महाजन परिवार पर चोट
बाबा रामदेव का ज्ञान तथा
सिद्धु की मुस्कान
बिस्मिल्लाह का जाना और
सौरभ गांगुली का आना
ये लम्हे रहेंगे यादगार
2006 को सादर नमस्कार
आशा और विश्वास लिये
नव बर्ष खड़ा है द्वार
आओ करें मिलकर अभिनन्दन सत्कार
नववर्ष के स्वागत में करें
चीयर-चीयर-चीयर
आप सब पाठको को
हैप्पी न्यू ईयर—

हिन्दी अध्यापक ने किया सवाल
माया मिली ना राम मुहावरे का
वाक्य मे प्रयोग करो
त्रिनगर के एक छात्र ने हाथ उठाया और
अध्यापक के कहने पर बताया
हमारे एक पार्षद ने
एक महिला के प्यार के चक्कर मे
जान गवाई और
उनकी महिला मित्र ने कुर्सी के चक्कर मे
जेल की हवा खाई
अतः इस घटना के साथ बहता हूँ
और एक नया दोहा कहता हूँ
प्यार व्यार कुछ था नही, ये तो था बस काम
गुरू जी इसको ही कहें, माया मिली ना राम ।

अफजल

लोकतंत्र की जाने क्या मजबूरी है
हत्यारें की फांसी से क्यूं दूरी है
अफजल से जो प्यार कर रहे भारत में
उनका फांसी चढना बहुत जरूरी है ।