आरुषि
May 26th, 2008 by Rajesh Chetan
| नगर नोएड़ा लगता कुछ घबराया है एक पिता ने रिश्ता नहीं निभाया है निठारी को नहीं भूला हम पाये थे आरुषि ने फिर से हमें रुलाया है |
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May 26th, 2008 by Rajesh Chetan
| नगर नोएड़ा लगता कुछ घबराया है एक पिता ने रिश्ता नहीं निभाया है निठारी को नहीं भूला हम पाये थे आरुषि ने फिर से हमें रुलाया है |
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Mar 8th, 2008 by Rajesh Chetan
वक्त के तेवर पी एम जी पहचान गये
साम्यवादियों को भी थोड़ा जान गये
परमाणु मुद्दा सुलझाने को मोहन जी
वाजपेयी को भीष्म पितामह मान गये
Mar 1st, 2008 by Rajesh Chetan
लोकसभा में खूब बजे हैं बाजे जी
सत्ता वाले मिलजुलकर हैं नाचे जी
वित्त मंत्री खूब पिटारा खोला है
चुनाव हमारे लगता है दरवाजे जी
Feb 25th, 2008 by Rajesh Chetan
नया विधेयक परिसीमन का आया है
नव खुशियाँ और नया सवेरा लाया है
दशकों से जो कुर्सी को हैं तोड़ रहें
चेहरा उनका लगता कुछ मुरझाया ह
Feb 1st, 2008 by Rajesh Chetan
| वैद्य मौत का यार हमारे भारत में कैसा है व्यापार हमारे भारत में पुलिस के सम्मुख किडनी बेच गया देखो डाक्टर सीमा पार हमारे भारत में |
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Jan 23rd, 2008 by Rajesh Chetan
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हाथ लगा और शेयर देखो फिसल गए अम्बानी जी सबसे आगे निकल गए आम आदमी जब भी गया दलाल स्ट्रीट शेयर बनकर शेर उसे ही निगल गए |
Jan 16th, 2008 by Rajesh Chetan
| माया जी का जन्मदिन खूब मचा तूफान बसपा वाले कर रहे बहना का सम्मान बहना का सम्मान केक काटा है भारी नोट चढ़ाओ खूब मची है मारामारी कह चेतन कविराय राज की देखो छाया मुलायम भी रटते हैं अब माया माया |
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Jan 16th, 2008 by Rajesh Chetan
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पहले थे बड़े ही गोल्ड बकनर उम्र से हो गए अब ओल्ड बकनर ईमान की बालिंग नहीं झेल पाए इंडिया टीम से हुए बोल्ड बकनर |
Jan 1st, 2008 by Rajesh Chetan
दौ हजार सात में कांग्रेस की हार
दौ हजार आठ में सोनिया जी बीमार
भाजपा ने कर दिया है भगवा अलर्ट
दिल्ली में आ रही है अडवाणी की सरकार
Dec 28th, 2007 by Rajesh Chetan
| मुशर्रफ की मेहरबानी हो गई लोकशाही बेजुबानी हो गई आतंक की गोली चली और देखिये बेगम भुट्टो खुद कहानी हो गई |
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Dec 22nd, 2007 by Rajesh Chetan
कलाम का जाना खटका
मायावती के चक्कर में पुनः
यू॰ पी॰ भटका
ऐश अभिषेक की शादी
डेरा सच्चा सौदा की बर्बादी
नन्दी गांव में तनाव
राम सेतु तोड़ने का प्रस्ताव
दिल्ली निगम में भाजपा का राज
गुजरात में मोदी जी का काज
20-20 में भारत की जीत
और पाकिस्तान को मिली
टेस्ट श्रंखला की हार
2007 को सादर नमस्कार
Dec 17th, 2007 by Rajesh Chetan
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विद्या का ये मंदिर लहूलुहान है बच्चे-बच्चे में हिंसा की तान है कृष्ण सुदामा को गुरुकुल में मार रहा स्वर्गलोक में बापू भी हैरान है |
Dec 12th, 2007 by Rajesh Chetan
| नहीं कोई अब जिन्ना से प्यार है ना ही कोई संघ से तकरार है अडवाणी जी बैठें पी एम कुर्सी पर अब ये राजग को भी स्वीकार है। |
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Dec 8th, 2007 by Rajesh Chetan
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मधुशाला की मदिरा भी शर्माएगी बाला जब-जब हाला लेकर आएगी बाला के नयनों की हाला के आगे मदिरा तो पानी-पानी हो जाएगी |
Nov 27th, 2007 by Rajesh Chetan
कुतुब के रास्ते से मैट्रो को हटाना जरूरी है
ताजमहल को धुंए से बचाना जरूरी है
रामसेतु भी है जन-जन की आस्था
फिर क्यों उस आस्था को मिटाना जरूरी है
Nov 23rd, 2007 by Rajesh Chetan
मनमोहन जी ने कहा राहुल हैं युवराज
कांग्रेस और देश का भला करेंगे काज
भला करेंगे काज बोलना सीख रहे हैं
संसद में भी थोड़ा थोड़ा दीख रहे हैं
कह चेतन कविराय आरती, वन्दन गाओ
आने वाले पी॰ एम॰ जी को शीश झुकाओ
Nov 7th, 2007 by Rajesh Chetan
कुर्सी बड़ी महान देखिये मियां जी
देश बड़ा परेशान देखिये मियां जी
आपातकाल में सांस नहीं ले पाओगे
खतरे में है जान देखिये मियां जी
Oct 26th, 2007 by Rajesh Chetan
पत्नी ने भी कैसा धर्म निभाया है
साल साल भर हमको खूब रुलाया है
करवा चौथ को एक दिन पूजा होती
हमको उल्लू उसने खूब बनाया है
Oct 20th, 2007 by Rajesh Chetan
संतों का सम्मान दशहरा होता है
दुष्टों का अपमान दशहरा होता है
राम द्रोहियों को फांसी पर लटकाओ
धर्म विजय अभियान दशहरा होता है।
Oct 15th, 2007 by Rajesh Chetan
नेताओं में छल ही छल है दिल्ली में
बस वालों में पूरा बल है दिल्ली में
ब्लू लाईन को रोक नहीं सकता कोई
केवल मौत ही इसका हल है दिल्ली में
Oct 5th, 2007 by Rajesh Chetan
सिंहासन और प्याज का गहरा है सम्बन्ध
कुर्सी आई और गई अद्भुद इसकी गंध
अद्भुद इसकी गंध कांग्रेस डोल रही है
शीला आंटी मुख से कुछ ना बोल रही है
कह चेतन कविराय प्याज लगता है भारी
देखें किसके हाथ में होगी दिल्ली प्यारी
Sep 25th, 2007 by Rajesh Chetan
सारे जग में ऊँची शान
क्या कर लेगा पाकिस्तान
सारी दुनिया मान गई
विश्व विजेता हिन्दुस्तान
Sep 21st, 2007 by Rajesh Chetan
पावन धवल चरित्र हमारी दिल्ली में
पुलिस बनी है मित्र हमारी दिल्ली में
भर्ती होने से पहले ही दिखा दिया
अपना नंगा चित्र हमारी दिल्ली में
Sep 14th, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली आसन पर जमे हैं राहु केतु
राम का ये भक्त है बस वोट हेतु
राजनीति में उलझ कर रह गया है
क्या बचेगा राम सेतु राम सेतु
Aug 4th, 2007 by Rajesh Chetan
मल्होत्रा अशोक ने कैसा किया कमाल
चाय चक्कर में हुआ देखो मालामाल
देखो मालामाल हुई नेता से यारी
विधानसभा में खूब चलाई ठेकेदारी
कह चेतन कविराय धन्य है सी बी आई
पता लगेगा किस किसने है रिश्वत खाई
Jul 28th, 2007 by Rajesh Chetan
महिलाओं की पूजा करता यूपीए
प्रतिभा पाटिल पर है मरता यूपीए
केवल चाटूकार पसन्द हैं मैडम को
किरण बेदी जी से डरता यूपीए
Jul 21st, 2007 by Rajesh Chetan
हिन्दी अब तो अमरीका में जायेगी
हिन्दी से हिन्दा बनकर के आयेगी
अमरीका से लौटी अपनी हिन्दी माँ
भारत में फिर कुछ तो इज्जत पायेगी
Jul 13th, 2007 by Rajesh Chetan
शीला जी को कुर्सी से ही प्यार है
ब्लू लाईन का चहुंओर चीत्कार है
मौत के सौदागर सड़कों पर नाच रहे
निद्रा में क्यू दिल्ली की सरकार है
Jul 6th, 2007 by Rajesh Chetan
आतंकी साजिशें जंजाल हो गई
पाकिस्तानी जनता बेहाल हो गई
मुशर्रफ जी शांति का ढोल पीटते
लाल मस्जिद खून से लाल हो गई
Jun 15th, 2007 by Rajesh Chetan
रायसीना हिल्स की प्यारे अलग छटा है अलग है वादी
यू पी ए और एन डी ए की टूट गई चुनावी शादी
शेखावत तो निश्चित होगा राष्ट्रपति हो या पत्नी हो
एक ओर शेखावत दादा दूजी ओर शेखावत दादी
Jun 8th, 2007 by Rajesh Chetan
विश्वविद्यालय एडमिशन क्या कहना
भटक रहा है तन और मन क्या कहना
लगता है पैरिस ही उत्तरा दिल्ली में
चहुंओर है फन ही फन क्या कहना
Jun 2nd, 2007 by Rajesh Chetan
राजस्थान में है मचा देखो क्या हुडदंग
गुर्जर मीणा में छिड़ी बड़े जोर की जंग
बड़े जोर की जंग बसुन्धरा दूर खड़ी है
राजमार्गों पर भी मित्रों जंग छिड़ी है
कह चेतन कविराय आरक्षण बंद कीजिये
खुशहाली के मार्ग का प्रबन्ध कीजिये
May 25th, 2007 by Rajesh Chetan
मनमोहन सरकार का बीता तीजा वर्ष
कांग्रेस में अब है नहीं देखो कोई हर्ष
देखो कोई हर्ष महंगाई बढ़ती जाती
हर चुनाव में मात सोनिया मुँह की खाती
कह चेतन कविराय करो ना जनता दोहन
फिर से ना आ पाओगे तुम प्यारे मोहन
May 24th, 2007 by Rajesh Chetan
हरे हरे पर्वत के ऊपर गुफा दीखती है सुंदर
गोहाटी में गोरा माँ है, मेघालय में शिवशंकर
गौमाता के थन से निकली बूंद बूंद ये कहती है
एकलव्य की भूमि का पावन है कंकर कंकर
May 24th, 2007 by Rajesh Chetan
नकल असल का बोल रहे ये पंगा है
गुरूओं की भूमि पर फैला दंगा है
सच्चा सौदा झुकने को तैयार नही
आग लगाने का ये कैसा धंधा है
May 21st, 2007 by Rajesh Chetan
आग लगी है पूर्वोत्तर की घाटी में
धर्मों के षडयंत्र हमारी माटी में
ब्रह्मपुत्र के बेटों निद्रा को छोडो
बांग्लादेशी है अपनी गोहाटी में ।
May 11th, 2007 by Rajesh Chetan
तीन बी जब मिल गये ब्राह्मण बसपा बहन
यू॰ पी॰ में फिर हो गया बाकी सबका दहन
बाकी सबका दहन भले हो राहुल गांधी
बच्चन से भी नहीं चली वोटों की आंधी
कल्याण सिंह भी राम नाम को जाप रहे है
अमर मुलायम माया जी से कांप रहे है
Apr 27th, 2007 by Rajesh Chetan
बालीवुड से हालीवुड की गली गई
सुंदर बाला शिल्पा अपनी छली गई
एडस रोकने को लाई थी गेरे को
एडस फैला कर दिल्ली से क्यों चली गई
Apr 27th, 2007 by Rajesh Chetan
यू॰ पी॰ में ही फिर से आना बच्चन जी
अमर सिंह का साथ निभाना बच्चन जी
निठारी के बच्चें लेकिन कहते हैं
मुलायम को संग में लाना बच्चन जी
Apr 25th, 2007 by Rajesh Chetan
ऐश्वर्य अभिषेक जहाँ जहाँ भी जायेंगे
टी॰ वी॰ चैनल अपना धर्म निभायेंगे
जूते चप्पल पड़ते हैं तो पड़ जायें,
हनीमून की तस्वीरें भी लायेंगे
Apr 24th, 2007 by Rajesh Chetan
अपनी कॉपी खुद ही अब तो जांच रहे हैं राहुल जी
निज पुरखों की गरिमा को ही बांच रहे हैं राहुल जी
अटल बिहारी के शासन में रोड़ बने जो भारत में
अब उन पर क्यूं झूम झूम कर नाच रहे हैं राहुल जी
Apr 23rd, 2007 by Rajesh Chetan
हर दिन कोई राह खोजते दादा बी
पंडों के घर रोज दौडते दादा बी
ऐश की डोली जब तक घर पर ना आई
मंदिर मंदिर हाथ जोडते दादा बी
Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
सांसद भी अब हो गये बड़े कबूतरबाज
संकट में है भाजपा बंद हुई आवाज़
बंद हुई आवाज़ चढ़ा नेता का पारा
बुरे फंसे है नेता अपने श्री कटारा
रोज रोज ही संसद में घोटाला होगा
लोकतन्त्र का चेहरा सचमुच काला होगा॥
Apr 13th, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली पुलिस होशियार हैं कटते अब चालान
एक डन्डे से हांकते सबको एक समान
सबको एक समान दुःखी हैं छोरा छोरी
शीशे हो गये साफ हो कैसे जोरा जोरी
कह चेतन कविराय मोबाईल सुनना भारी
कामनवेल्थ खेल की लगता है तैयारी
Apr 7th, 2007 by Rajesh Chetan
एम॰ सी॰ डी॰ में आ गई भाजप की सरकार
कांग्रेस के सिर पर पड़ी तोड़ फोड़ की मार
तोड़ फोड़ की मार खुराना मुंह लटकाये
हाथी की भी चाल देखकर सब घबराये
कह चेतन कविराय शेर भी लगते बिल्ली
हार गये सब नेता जीती अपनी दिल्ली
Apr 5th, 2007 by Rajesh Chetan
चैपल ने
सचिन को बाउंसर मारा और
सचिन ने पलटकर, चौका
चैपल आउट
वर्ल्ड कप से आउट टीम
की शब्द बोछार पर कह सकता हूँ
खेल में सदभावना की गन्ध हो
कोक पेप्सी के विज्ञापन बन्द हो
देश में सब खेल तब ही आ सकेंगें
क्रिकेट पर दस साल का प्रतिबन्ध हो ।
Apr 3rd, 2007 by Rajesh Chetan
निगम चुनाव के
कारण भाईचारा बढ रहा है,
जो नेता कभी
राम राम भी नहीं करता था
आजकल पांव में
पड रहा है।
कल ही मेरा पडोसी नेता
राम लुभाया
घर आकर बोला क्यूं चेतन भाया
बटन देखकर दबाना और
इस चुनाव में हमको ही जिताना।
मैने कहा - नेता जी
आ रही है पांच अप्रैल की प्रभात
ठीक है आपकी बात परन्तु
क्या इसके बाद भी होगी
आपसे मुलाकात।
मेरे जवाब पर
राम लुभाया परेशान है
क्योंकि सिर्फ पांच अप्रैल
तक ही वोटर उसका
भगवान है॥
Apr 3rd, 2007 by Rajesh Chetan
आजकल राजा पेट से नहीं
पेटी से बनता है और अब तो
पेटी भी गई आई है और
राजा चुनने के लिये
हमने वोटिंग मशीन बनाई हैं।
चुनाव के अंतिम दौर में
वोटिंग मशीन के लिये
कसरत जारी है तथा
साम, दाम, दण्ड, भेद
सर्वनीति अपनाना
हर प्रत्याशी की लाचारी है।
इस चुनाव से
सामाजिक टूटन बढ़ रही हैं
गुण्डों में मस्ती चढ़ रही हैं
जातिवाद मुंह खोले खडा है और
लोकतन्त्र किसी कोने में पडा है।
ये सब देखकर
आम वोटर परेशान है
आखिर ये कैसी
लोकतन्त्र की दुकान है॥
Mar 31st, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली की बडी सी
कालोनी में
छोटा सा झुग्गी कबीला
कबीले में चलती है
रोज वोट लीला
कबीले के छुटभैय्या
नेता के संग
हर पार्टी का
प्रत्याशी आता है और
मदिरा, साईकिल तथा सिलाई मशीन के
लालच दिखाता है
परन्तु कबीले के छुटभैय्या नेता
का बडा ताव है और
हर प्रत्याशी के लिये उसका
अलग अलग भाव है
ये लोकतन्त्र नहीं
व्यापार तन्त्र है और
जिस पार्षद की जेब भारी होगी
उसके पास ही
पार्षद बनने का मन्त्र है
Mar 30th, 2007 by Rajesh Chetan
जब से भारत
वर्ल्ड कप क्रिकेट से
बाहर आया है
निगम चुनाव में
उत्साह छाया है
क्रिकेट का बुखार
चुनाव अभियान में
कांटे बो रहा था
रात भर क्रिकेट में
डूबा पार्टी कार्यकर्ता
प्रातः चुनाव अभियान के
समय सो रहा था
लगता है निगम उम्मीद्वारों ने ही
मिलकर जोर लगाया है और
भारत को वर्ल्ड कप में हराया है
वर्ल्ड कप तो गया अब
निगम कप का अभियान जारी है
आओ देखें इस बार
किसकी बारी है
Mar 29th, 2007 by Rajesh Chetan
कांग्रेस के अजय माकन का
दिल्ली मास्टर प्लान
दिल्ली का हर नागरिक चलेगा अब
सीना तान
ना सिलिंग
ना बुलडोज़र
खुशहाली ही खुशहाली
सब मिलकर बजाओ ताली
अब रोज ही होगी दिवाली पर
इतना रखना ध्यान
हे ! वोटर कृपानिधान
दिल्ली निगम चुनाव में
हाथ का बटन ही दबाना
और एम॰ सी॰ डी॰ में
कांग्रेस को ही लाना
भला हो भगवान
बटन दबाने से ही पूर्व
खुल गई पोल
और कांग्रेसी नेता को अब
सिक्कों से नहीं
वाणी से तोल
ये मास्टर प्लान नहीं
वोट प्लान था
अजय माकन हो या जगमोहन
जनता पर तो हर नेता ने तलवार चलाई हैं
इधर गिरे तो कुआं उधर गिरे तो खाई है
तो हे वोटर
संभल कर बटन दबाओ
और किसी भी नारे के
चक्कर में ना आओ
क्योंकि ये सब प्लान
धोखा है
और 5 अप्रैल ही आपके पास
आखिरी मौका है
Mar 28th, 2007 by Rajesh Chetan
चुनावी दंगल में खूब
मजा आ रहा है
कांग्रेस का कार्यकर्ता
भाजपा के नारे लगा रहा है
भाजपा वाला परेशान है
दिल में खुराना और
चेहरे पर कमल की मुस्कान है
कुछ तथाकथित नेता तो
कर रहे है कमाल
नाश्ता के समय बसपा और
दोपहर भोजन के समय
सपा से कदम ताल
सन्धया समय चौटाला और
रात्रि में शरद पवार के गले में माला
कुल मिलाकर हर दल में
विभीषण है अतः
निगम चुनावी रण भीषण है
Mar 27th, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली निगम चुनाव में
कमल कुछ मुस्कुरा रहा है
हाथ घबरा रहा है
हाथी पगलाया है और
खुराना ने चौटाला का
ऐनक लगाया है
मुलायम की साईकिल रफ्तार मंद है तथा
शरद पवार की घडी बन्द है
निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं और
सब एक दूजे को यूं बोल रहे हैं
प्राणों से भी प्यारा है
दिल्ली निगम हमारा है
खटका जरा दबा देना
गूंज रहा ये नारा है
Mar 27th, 2007 by Rajesh Chetan
नवरात्र के कारण
चुनाव प्रचार चल रहा है
फीका – फीका
किसी भी दल के किसी कार्यकर्ता में
कोई उत्साह नहीं दीखा
अब दुर्गा अष्टमी के बाद
चुनावी भैरूं की बारी है तथा
मदिरा का प्रसाद चढाना
लोकतन्त्र में
हर प्रत्याशी की
लाचारी है
प्रसाद चढाओ या
करो पूजा
लेकिन
जब तक वोटर देवता नहीं पसीजा
परिश्रम बेकार है आओ देखें
इस बार
दिल्ली नगर निगम में
किसकी सरकार है।
Mar 23rd, 2007 by Rajesh Chetan
परीक्षा में सवाल पूछा
पार्षद के लिये योग्यता बताओ
दिल्ली के विद्यार्थी ने लिखा
लोकतन्त्र की मजबूरी है अतः
पार्षद बनने के लिये
बडे नेता का बेटा, पत्नी,
सचिव या चमचा होना
बहुत जरूरी है,
बालक के इस जवाब पर कह सकता हूँ
निगम पार्षद नोट कमाता
एम॰ एल॰ ए॰ विश्वास गवाता
सांसद अपना शर्मिन्दा है
लोकतन्त्र फिर भी जिन्दा है।
Mar 20th, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली के निगम चुनाव का
सेमीफाइनल यानी टिकटों का वितरण
वित्त का रण ही रहा
कम शब्दों में
वित्त कि जीत
विचार की हार, चाहे
विपक्ष हो या सरकार
आम कार्यकर्ता यानी ग्रासरुटर
दरी बिछाता रहा और
पैराशूटर अपने आकाओं का
आशीर्वाद पाता रहा
इस दृश्य पर यही कह सकता हूँ
भ्रष्टाचारी बेल हमारी दिल्ली में
चोर चोर का मेल हमारी दिल्ली में
भूमाफ़िया नेता के संग मिल बैठा
सता का ये खेल हमारी दिल्ली में ।
Mar 13th, 2007 by Rajesh Chetan
क्रिकेट
उन देशों में छाया है
जहाँ अंग्रेजो ने डन्डा बजाया है
अमरीका, चीन जापान
कहीं नही गूंजती क्रिकेट की तान
ये सब खेल जगत के हीरो हैं
पर हम क्रिकेट को छोड
सब खेलो में जीरो हैं
वर्ल्ड कप के युद्ध पर
यही कह सकता हूँ -
ये कैसा त्यौहार हमारे भारत में
कैसी मारामार हमारे भारत में
सब खेलों को लील गया क्रिकेट बल्ला
क्रिकेट का बुखार हमारे भारत में ।
Mar 6th, 2007 by Rajesh Chetan
होली के दिन
झारखंड में
हिंसा का ताण्डव
देखकर लगता है
नक्सलवाद की जड़
भारत में गहरी है
और उसके सामने
लोकतांत्रिक सरकार बहरी है
सांसद सुनील महतो की
हत्या पर यहीं कह सकता हूं
आतंकी सरकार साथियों भारत में
कदम कदम पर हार साथियों भारत में
सांसद महतो की हत्या पर सब चुप हैं
ये कैसा त्यौहार साथियों भारत में ।
Feb 21st, 2007 by Rajesh Chetan
दिल्ली में आजकल
बसन्त उत्सव नही अपितु
टिकटोत्सव की बहार है और
पार्क के बजाय
हर नेता के दरवाजे
लम्बी लम्बी कतार है
टिकट प्रेमियों के हाथ
फूल-पत्र नही
बायोडाटा प्रोफाईल है और
हर टिकटार्थी
स्वयंभू सन्त वेलेंटाइन है
एक सन्त ने दूजे से कहा
हर दिन उपकार करता हूँ
जनता से प्यार करता हूँ
टिकट जो मिल जाये तो
हर वादा स्वीकार करता हूँ ॥
Feb 14th, 2007 by Rajesh Chetan
तीसरी शताब्दी के
सन्त वेलेंटाइन
प्रेम के लिये शहीद हो गये
सन्त ने कहा कि
प्यार कर और भारत में भी
पाँच हजार साल पूर्व श्री कृष्ण ने कहा
प्यार कर अतः
कृष्ण के देश को
सन्त वेलेंटाइन से कैसा डर
परन्तु भारत में
वेलेंटाइन डे के नाम पर जो
तथाकथित प्रदर्शन होता है
उसके लिये यहीं कह सकता हूँ
प्रेमी जोडा पार्क में और
मौसम फाईन
बोल रहे हैं एक दूजे को
वेलेंटाइन वेलेंटाइन ।
Feb 7th, 2007 by Rajesh Chetan
पाकिस्तानी आतंकवादी का
बांग्लादेश के रास्ते
दिल्ली आना तथा
वारदात करने से पूर्व पकडा जाना
दिल्ली में आतंकियों की मनमानी हैं
लगता है दिल्ली भारत की नहीं
आतंक की राजधानी है ।
संसद हो या
मिन्टो रोड
दिन हो या रात
पुलिस करती रही
आतंकियो से दो-दो हाथ
पुलिस को बधाई ।
भारत में किन्नर समुदाय भी
अपना राष्ट्रधर्म निभाता है
तथा अपने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में
पाकिस्तान को छोड
सभी पडोसी देशों
को बुलाता है ।
समय आ गया
हमारे नेतागण भी
अपना राष्ट्रधर्म जानें तथा
दोस्त को दोस्त व
दुश्मन को दुश्मन मानें ।
Feb 2nd, 2007 by Rajesh Chetan
लंदन में
शिल्पा को
तंग करने का बदला
रतन टाटा ने लिया तथा
कोरस की नीलामी पर
अंग्रेजो को घायल किया
भारत की इस जीत पर
कह सकता हूँ
दुनिया भर में फैल गया सन्नाटा है
हर दादा के मुँह पर अपना चाटा है
लंदन की गलियों में अब ये गूंज रहा
कोरस का मालिक भारत का टाटा है।
Jan 25th, 2007 by Rajesh Chetan
गणतन्त्र या रिपब्लिक
प्रजातन्त्र या लोकतन्त्र
मतलब साफ है,
अब राजाओं का नही
जनता का राज है, परन्तु
जनता का अपने ही तन्त्र पर
क्रोध बढ़ता जा रहा है और
मतदान का प्रतिशत
लगातार घटता जा रहा है।
जाति धर्म को नही
देश को करें मतदान, और
सब मिलकर कहें
हमारा गण्तन्त्र महान।
Jan 19th, 2007 by Rajesh Chetan
यू॰के में
बिग ब्रदर शो मे
भाईचारा नही अपितु
घृणा का बोलबाला है
अत: रंगभेदी टिप्पणी के
कारण घायल अपनी
शिल्पा बाला है
वास्तव में
भारत ही है दुनिया का
बिग ब्रदर
अत: गांधी के भारत को
इन छोटी मानसिकता वालों से
कैसा डर
शिल्पा को ये ही सुझाव है –
आंसू नही बहाने होंगे
गीत प्यार के गाने होंगे
ये जो हम से घृणा करते
भारत के दीवाने होंगे ।
Jan 16th, 2007 by Rajesh Chetan
उल्फा द्वारा
असम के
हिन्दी भाषियों पर हमला , मतलब
राष्ट्र की एकता अखंडता पर प्रहार
राष्ट्र भाषा का बहिष्कार
व लोकतंत्र का तिरस्कार है
काश आज सरदार के बजाय होते
सरदार पटेल, तो नही चलता
ये आंतकियों का खेल
केंद्र व असम की सरकार जागे
और देखें कि हिन्दी भाषी
असम से न भागें ।
राष्ट्र की एकता अखंडता का
ढोल पीटने वाले नेता
मौन हैं
आखिर उल्फा के पीछे
कौन हैं ?
Jan 3rd, 2007 by Rajesh Chetan
हिन्दी सिनेमा के
महानायक को
उत्तरप्रदेश की तरक्की
इतनी प्यारी है कि
अब अगला जन्म भी
यू॰ पी॰ में लेने की तैयारी है
कामना अच्छी है
सच्ची है परन्तु
निठारी काण्ड देखकर भी यदि
आपका है ये विचार
तो हमें लगता है
आपको यू॰ पी॰ के बजाय
मुलायम और अमर सिंह
से ही है प्यार
अमिताभ जी !
हो सके तो
इस जन्म में
एक बार निठारी आओ
तथा मासूम बच्चो की वेदना पर
एक फिल्म बनाओ
ये फिल्म जब दिखाई जायेगी तो
मासूम बच्चो की आत्मा
आपका गुण गायेगी
विज्ञापन को छोड़ अनुशासन में आओ
स्वार्थ छोड़ मानव धर्म निभाओ
यदि आपने मेरा
ये प्रस्ताव किया स्वीकार
तो सारे भारत में होगी
आपकी जयजयकार।
Dec 27th, 2006 by Rajesh Chetan
नटवर का तेल
शिबु सोरेन को जेल
अफजल से डिलिंग
दिल्ली में सिलिंग
प्रिंस का होल
खुराना जी के बोल
अभिषेक का यशभारती और
ऐश्वर्य की आरती
राखी जैसी मिस
मिक्का जैसा किस
मुंबई के विस्फोट और
महाजन परिवार पर चोट
बाबा रामदेव का ज्ञान तथा
सिद्धु की मुस्कान
बिस्मिल्लाह का जाना और
सौरभ गांगुली का आना
ये लम्हे रहेंगे यादगार
2006 को सादर नमस्कार
आशा और विश्वास लिये
नव बर्ष खड़ा है द्वार
आओ करें मिलकर अभिनन्दन सत्कार
नववर्ष के स्वागत में करें
चीयर-चीयर-चीयर
आप सब पाठको को
हैप्पी न्यू ईयर—
Dec 23rd, 2006 by Rajesh Chetan
हिन्दी अध्यापक ने किया सवाल
माया मिली ना राम मुहावरे का
वाक्य मे प्रयोग करो
त्रिनगर के एक छात्र ने हाथ उठाया और
अध्यापक के कहने पर बताया
हमारे एक पार्षद ने
एक महिला के प्यार के चक्कर मे
जान गवाई और
उनकी महिला मित्र ने कुर्सी के चक्कर मे
जेल की हवा खाई
अतः इस घटना के साथ बहता हूँ
और एक नया दोहा कहता हूँ
प्यार व्यार कुछ था नही, ये तो था बस काम
गुरू जी इसको ही कहें, माया मिली ना राम ।
Dec 17th, 2006 by Rajesh Chetan
लोकतंत्र की जाने क्या मजबूरी है
हत्यारें की फांसी से क्यूं दूरी है
अफजल से जो प्यार कर रहे भारत में
उनका फांसी चढना बहुत जरूरी है ।