Jun 25th, 2007 by Rajesh Chetan
पदमश्री
वीरेन्द्र प्रभाकर
दून स्कूल की शान तथा
महान कला साधक
सुधीर खास्तगीर द्वारा दीक्षित एक
महान इन्सान ही नहीं अपितु
चित्रकार
मूर्तिकार
कलाकार
साहित्य साधक और
सरस्वती के अराधक है।
चेहरे पर मुस्कान
विनम्रता की खान
उपलब्धियों के कीर्तिमान
चित्रकला संगम की पहचान तथा
फोटोग्राफी दुनिया के
चलते फिरते धाम को
शत शत प्रणाम॥
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
पुरुषों द्वारा
कनक कामिनी या
जर जोरु जमीन
शब्दों के प्रयोग से लगता है,
नारी ही धनवान है तो
मै पूछता हूँ
ये नर कैसे महान है?
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
कभी शीघ्र विदा होती
बहन को थोडा रोकने के लिये
साली ने जीजा का जूता चुराया था
परन्तु आज की साली
कुछ खास है,क्योंकि
जीजा के मित्रों का दिल और
जीजा की जेब
उसके पास है।
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
अफसर सरकारी रथ का
घोडा होता है जो
भारी बोझ ढोता है।
सब को नाचता नचाने वाला अफसर
बीबी के सम्मुख है,
ठेकेदार इस मंत्र को
जानता है, जब वह
बीबी को पटाता है तो
अफसर ठेकेदार के सामने गधा
नजर आता है ।
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
दूसरे की गर्दन काटने वाला
नरपिशाच
ये देख प्रसन्न होने वाला
नरपशु
चुपचाप निकलने वाला
नर और
विरोध करने वाला ही
नरोतम होता है ।
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
महानगरों में पश्चिम का
प्रभाव बढ रहा है
बाप बेटे के साथ
मदिरा पान कर रहा है।
सन्तान तुलसी पौधे के समान है
इसको मदिरा नही
गंगा जल चढाओ और
आने वाली पीढी में
कुछ संस्कार जगाओ।
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
सफेद कलम चालान
निकलते दाँत सम्मन और
मौत गैर जामनती
वारंट के समान है
इसको समझने वाला
इन्सान ही धनवान है ।
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Apr 21st, 2007 by Rajesh Chetan
पहले जन्म दिन पर
बच्चे ने केक काटा
विद्यालय गया तो
पिता की जेब काटी और
आजकल सबका
गला काटने को तैयार है
ये पश्चिम का
कैसा संस्कार है ?
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