नारी महिमा
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पुरुषों द्वारा
कनक कामिनी या
जर जोरु जमीन
शब्दों के प्रयोग से लगता है,
नारी ही धनवान है तो
मै पूछता हूँ
ये नर कैसे महान है?
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पुरुषों द्वारा
कनक कामिनी या
जर जोरु जमीन
शब्दों के प्रयोग से लगता है,
नारी ही धनवान है तो
मै पूछता हूँ
ये नर कैसे महान है?
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कभी शीघ्र विदा होती
बहन को थोडा रोकने के लिये
साली ने जीजा का जूता चुराया था
परन्तु आज की साली
कुछ खास है,क्योंकि
जीजा के मित्रों का दिल और
जीजा की जेब
उसके पास है।
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अफसर सरकारी रथ का
घोडा होता है जो
भारी बोझ ढोता है।
सब को नाचता नचाने वाला अफसर
बीबी के सम्मुख है,
ठेकेदार इस मंत्र को
जानता है, जब वह
बीबी को पटाता है तो
अफसर ठेकेदार के सामने गधा
नजर आता है ।
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दूसरे की गर्दन काटने वाला
नरपिशाच
ये देख प्रसन्न होने वाला
नरपशु
चुपचाप निकलने वाला
नर और
विरोध करने वाला ही
नरोतम होता है ।
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महानगरों में पश्चिम का
प्रभाव बढ रहा है
बाप बेटे के साथ
मदिरा पान कर रहा है।
सन्तान तुलसी पौधे के समान है
इसको मदिरा नही
गंगा जल चढाओ और
आने वाली पीढी में
कुछ संस्कार जगाओ।
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सफेद कलम चालान
निकलते दाँत सम्मन और
मौत गैर जामनती
वारंट के समान है
इसको समझने वाला
इन्सान ही धनवान है ।
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पहले जन्म दिन पर
बच्चे ने केक काटा
विद्यालय गया तो
पिता की जेब काटी और
आजकल सबका
गला काटने को तैयार है
ये पश्चिम का
कैसा संस्कार है ?